मप्र में नए साल के पहले दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, महाकाल के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

- मां नर्मदा और शिप्रा में लगाई आस्था की डुबकी

भोपाल, 01 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थित देवालयों और शक्तिपीठों में अंग्रेजी नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी 2026 को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

लाखों लोगों ने जहां देवी और देवताओं के दर्शन कर नए वर्ष के पहले दिन की शुरुआत की, वहीं कड़ाके की ठंड में लोगों ने मां नर्मदा और शिप्रा में आस्था की डुबकी भी लगाई। नदी किनारे लोगों की भीड़ भोर से लगी रही। इसी तरह मंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में नव वर्ष की शुरुआत लोगों ने भक्ति भाव में लीन होकर की। गुरुवार उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में नजारा देखते ही बन रहा था। नववर्ष के पहले दिन मंदिर में लाखों की संख्या में भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर अपने नये साल की शुरुआत की और बाबा महाकाल से नये साल में सफलता और सुख शांति की प्रार्थना की। इस मौके पर सुबह 4 बजे से होने वाली भस्म आरती में पंचामृत अभिषेक पूजन कर विशेष शृंगार किया गया।

महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित आशीष शर्मा ने बताया कि पौष माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर गुरुवार सुबह 4 बजे भस्म आरती हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन अर्चन किया। उसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का आकर्षक स्वरूप में शृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। उसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। इस दौरान बाबा महाकाल का भांग से दिव्य शृंगार किया गया। बड़ी संख्या में पंहुचे श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन कर साल भर के लिए आशीर्वाद मांगा।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों ने किए बाबा महाकाल के दर्शन

आज भस्म आरती के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों में स्मृति मंदाना, अरूणदति रेड्डी, शैफाली वर्मा, स्नेह राणा, प्रियंका पाटिल, राधा यादव, रेणुका ठाकुर, प्रज्ञा रावत, नैंसी पटेल और इनके परिवार के सदस्य शामिल रहीं, जिन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ ही उनका आशीर्वाद भी लिया।

शिप्रा नदी रामघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़

नव वर्ष के पावन अवसर पर मां शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड के बावजूद शिप्रा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। ठिठुरन भरी ठंड भी श्रद्धालुओं की श्रद्धा को डिगा नहीं सकी। हर ओर भक्ति, विश्वास और आस्था का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने ठंड की परवाह किए बिना स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।

माता तुलजा भवानी और छोटी माता चामुंडा भवानी किए दर्शन

मप्र के देवास में स्थित विश्व विख्यात प्रसिद्ध देव स्थल माता टेकरी पर बड़ी माता तुलजा भवानी और छोटी माता चामुंडा भवानी मंदिर में भी अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दोनों माताओं के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु पहुंचे और नए साल से पहले दिन दर्शन-पूजन किए। बताया जाता है कि माता सती के रक्त बीज देवास की इस टेकरी पर भी गिरे और माता टेकरी पर जहां गिरे वहां बड़ी माता तुलजा भवानी और छोटी माता चामुंडा भवानी विराजमान है। पिछले 300 वर्षों से नाथ सम्प्रदाय के पुजारी दोनों माता की पूजा अर्चना करते आ रहे हैं।

मां नर्मदा का लिया आशीर्वाद

नया साल के पहले दिन बड़ी संख्या में लोग नर्मदा घाट पर पहुंचे। 2026 बेहतर बीते इसको लेकर मां नर्मदा का पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। सुबह से लोगों का नर्मदा नदी पहुंचना शुरू हो गया था। यह क्रम दोपहर तक चला।

पीतांबरा पीठ मंदिर में भक्तों का जन सैलाब

प्रदेश के दतिया जिले में स्थित देश के प्रमुख देवी तांत्रिक शक्तिपीठों में से एक मां पीतांबरा मंदिर में नए साल के पहले दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नववर्ष 2026 की शुरुआत को शुभ और मंगलमय बनाने के लिए हजारों की संख्या में भक्त सुबह तड़के ही मंदिर परिसर पहुंच गए और मां पीतांबरा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। जैसे ही मंदिर के पट खुले श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन के लिए लग गईं। श्रद्धालुओं ने मां पीतांबरा से सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की खुशहाली की कामना की।

देर रात तक यह सिलसिला जारी रहेगा। मंदिर प्रांगण में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश राजस्थान दिल्ली और अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली रही है। कई भक्त दूर-दराज से पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे। वहीं, कुछ श्रद्धालु परिवार सहित नववर्ष की शुरुआत मां के चरणों में मत्था टेक कर करना चाहते थे। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

मां शारदा धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

नववर्ष की पहली सुबह मैहर में श्रद्धा और भक्ति की रोशनी के साथ हुई। जब देश के कई हिस्सों में लोग जश्न और मनोरंजन में डूबे थे, तब आस्था की नगरी मैहर में हजारों श्रद्धालु मां शारदा के चरणों में शीश नवाने पहुंचे। नये साल के पहले दिन मां शारदा के दर्शन कर भक्तों ने सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। यहां 31 दिसंबर की शाम से ही श्रद्धालुओं की आमद शुरू हो गई थी। रात भर मंदिर मार्ग, सीढ़ियों और रोपवे क्षेत्र में भक्तों की चहल-पहल बनी रही, जो सुबह होते-होते विशाल भीड़ में तब्दील हो गई। नववर्ष के अवसर पर मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से श्रद्धालु मैहर पहुंचे। मंदिर परिसर में सुबह से ही लंबी कतारें नजर आईं।

नये वर्ष के स्वागत में मां शारदा का भव्य शृंगार किया गया। भोर से ही मंदिर में पूजा-अर्चना, आरती और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। जैसे ही कपाट खुले, पूरा मंदिर परिसर “जय मां शारदा” के जयघोष से गूंज उठा और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। मंदिर परिसर, सीढ़ी मार्ग, रोपवे, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्लान लागू किया गया है। वहीं, सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

मां बिरासिनी के दरबार में नववर्ष के पहले दिन भक्तों ने लिया आशीर्वाद

इधर, उमरिया जिले में साल के पहले दिन शक्तिपीठ मां बिरासिनी के दरबार में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नए वर्ष के स्वागत के साथ ही तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त मां बिरासिनी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। किसी ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की, तो किसी ने अच्छे स्वास्थ्य और सफलता के लिए मां के चरणों में शीश नवाया। जयकारों और घंटियों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

इस अवसर पर मां बिरासिनी सेवा समिति द्वारा विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। परंपरा के अनुसार मां बिरासिनी को 56 भोग अर्पित किया गया, जिसे देखने और उसमें सहभागी बनने के लिए भक्तों में खास उत्साह रहा। इसके साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के सहभागिता की, जिससे सामाजिक समरसता का भी संदेश मिला। मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास को और अधिक बढ़ाने के लिए देवी जागरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर