नए साल के पहले दिन कोलकाता की हवा रही खराब, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक चिंताजनक स्तर पर
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- Jan 01, 2026
कोलकाता, 01 जनवरी (हि. स.)। नए साल के पहले दिन गुरुवार को कोलकाता की हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक चिंताजनक स्तर तक पहुंच गया।
दोपहर दो बजे के आसपास जादवपुर में पीएम 2.5 का वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 दर्ज किया गया। फोर्ट विलियम में यह 235, विक्टोरिया में 255, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय में 227, रवींद्र सरोवर में 213, बालिगंज में 236 और विधान नगर क्षेत्र में 273 रिकॉर्ड किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार 201 से 300 के बीच का वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब माना जाता है, जिससे लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। वहीं 301 से 400 के बीच का स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है, जो लंबे समय तक रहने पर श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।
इस बीच पर्यावरण संगठन सबुज मंच ने आरोप लगाया कि नए साल की रात शहर के कई इलाकों में निर्धारित समय सीमा के बाद भी पटाखे फोड़े गए। संगठन के अनुसार दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज, गरिया, कसबा, जादवपुर, बेहाला और उत्तर कोलकाता के नारकेलडांगा, बेलेघाटा, सिंथी, बागबाजार, जोरासांको और बउबाजार इलाकों में रात करीब 11:45 बजे से दो बजे तक लगातार पटाखों की आवाजें सुनी गईं और आसमान में आतिशबाजी दिखाई दी।
सबुज मंच के सलाहकार सदस्य और ग्रीन टेक्नोलॉजिस्ट सोमेंद्र मोहन घोष ने कहा कि अदालत द्वारा तय 35 मिनट की समय सीमा का उल्लंघन हुआ। उनके अनुसार रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक की अनुमति के बावजूद 12:30 बजे के बाद भी पटाखे फोड़े जाते रहे।
हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने दावा किया कि इस बार नए साल पर पटाखों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कम रही और 12:30 बजे के बाद धीरे-धीरे जश्न थम गया। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की ठोस जानकारी या प्रमाण सामने आते हैं तो पुलिस के साथ मामला उठाया जाएगा।
अधिकारी ने यह भी बताया कि सर्दियों में कोहरे और धुएं के कारण आमतौर पर वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब रहता है, क्योंकि सूक्ष्म कण कई घंटों तक हवा में ही बने रहते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



