निपाह संक्रमित नर्सों की हालत में सुधार

कोलकाता, 16 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित दो नर्सों की शारीरिक स्थिति में गुरुवार को उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। पूर्व मेदिनीपुर निवासी नर्स को वेंटिलेशन से हटा दिया गया है। उनके भाई को भी अस्पताल में भर्ती किया गया था जिन्हें होश आ गया है और वे बिस्तर पर बैठकर बातचीत भी कर पा रहे हैं। वहीं, पूर्व बर्दवान के कटवा की नर्स की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति पहले से बेहतर है। वे अभी वेंटिलेशन पर हैं, हालांकि हाथ-पैर हिलाने और आंखें खोलने की हल्की कोशिश उन्होंने की है। चिकित्सकों ने फिलहाल दोनों को खतरे से बाहर नहीं बताया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, समय रहते एंटीवायरल दवा ‘राइबाविरिन’ सहित अन्य दवाओं के प्रयोग से यह सुधार संभव हुआ है। केरल में सफल रहे इलाज मॉडल को अपनाते हुए दोनों नर्सों का उपचार किया गया, जिसमें अपेक्षाकृत पहले दवा मिलने के कारण तेजी से सुधार दिखा।

इस बीच, केंद्रीय ‘नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम’ (एनजोर्टी) ने संक्रमण के स्रोत को लेकर अहम जानकारी दी है। शुरुआती अनुमान के विपरीत, दोनों नर्स एक-दूसरे से संक्रमित नहीं हुए, बल्कि बारासात के एक निजी अस्पताल में काम के दौरान किसी ‘समान स्रोत’ से लगभग एक ही समय में संक्रमित हुए हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों ने एक अज्ञात बुखार से पीड़ित महिला मरीज की देखभाल की थी, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई थी। आशंका है कि वही मरीज निपाह से संक्रमित थीं।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब तक करीब 150 नमूनों की जांच की गई है, जिनमें किसी नए संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। बेलेघाटा स्थित ‘निर्बी’ को निपाह जांच का नोडल सेंटर बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल घबराने की स्थिति नहीं है और आम जनता के लिए विशेष प्रतिबंध जारी नहीं किए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर