अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के कश्मीर दौरे से पहले उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान भारत के अंदरूनी मसलों का हल दिल्ली करेगी वॉशिंगटन नही
- Editor Chief
- Aug 19, 2026
श्रीनगर, 19 अगस्त: अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) के जम्मू-कश्मीर दौरे से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों का समाधान केंद्र सरकार के स्तर पर होना है, न कि वॉशिंगटन में। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अमेरिकी राजदूत से मुलाकात के दौरान जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर चर्चा जरूर करेंगे, लेकिन किसी आंतरिक समस्या के समाधान के लिए विदेशी राजनयिक के सामने शिकायत नहीं रखेंगे।
उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में विकास कार्यों का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लंबे समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर आ रहा है और व्यक्तिगत तौर पर भी काफी समय बाद उनकी किसी अमेरिकी राजदूत से मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि राजदूत के आने के बाद दोनों पक्ष बैठकर बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि बैठक में वह अपनी बात रखने के साथ अमेरिकी राजदूत के विचार भी सुनना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि राजदूत भी जम्मू-कश्मीर की स्थिति को सुनने और समझने आ रहे हैं और मुलाकात के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।
‘हमारी समस्याओं का अमेरिका से कोई संबंध नहीं’
उमर अब्दुल्ला ने इस दौरान जम्मू-कश्मीर के आंतरिक मुद्दों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट रखी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का अमेरिका से कोई संबंध नहीं है और उनका समाधान भारत की केंद्र सरकार के साथ ही होना है। इसलिए वह अमेरिकी राजदूत के सामने शिकायतों की सूची लेकर नहीं बैठेंगे और न ही किसी तरह के बाहरी हस्तक्षेप की मांग करेंगे। यह बयान अमेरिकी राजदूत के कश्मीर दौरे से कुछ घंटे पहले आया है और इसलिए राजनीतिक तथा कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहली बार जम्मू-कश्मीर आ रहे सर्जियो गोर
उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बुधवार दोपहर श्रीनगर पहुंचने वाले हैं। पदभार संभालने के बाद यह उनका जम्मू-कश्मीर का पहला दौरा है। वह अमेरिका के Special Envoy for South and Central Asia की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। श्रीनगर प्रवास के दौरान गोर की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात निर्धारित/अपेक्षित है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक वह बुधवार रात श्रीनगर में रुकेंगे और गुरुवार को लद्दाख रवाना होंगे।
मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच दौरा महत्वपूर्ण
गोर का जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों केंद्र शासित प्रदेश सामरिक और राजनीतिक दृष्टि से लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह Operation Sindoor के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का कश्मीर का पहला दौरा है। साथ ही जून 2020 के गलवान घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में किसी अमेरिकी राजदूत की इस स्तर की यात्रा को भी महत्वपूर्ण कूटनीतिक संपर्क के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि दौरे को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक अटकलें हो सकती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी टिप्पणी के जरिए साफ संकेत दिया है कि उनकी अमेरिकी राजदूत से बातचीत जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर विचार-विमर्श तक सीमित रहेगी और वह क्षेत्र के आंतरिक राजनीतिक मुद्दों के समाधान के लिए अमेरिका की भूमिका नहीं देखते। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ अमेरिकी राजदूत की बातचीत पर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

