मकर संक्रांति मेला पर तातलोई गर्म जल कुंड में आस्था की डूबकी लगा साफा होड़ समुदाय के लोग करते है विशेष पूजा

दुमका, 13 जनवरी (हि.स.)। जिले के जामा प्रखंड मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर प्राकृतिक छटा बिखेरती तातलोई गर्मजल कुंड में मकर संक्रांति पर साफा होड़ समुदाय के अलावा हज़ारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाया और पूजा अर्चना कर परिवार के सदस्यों के लिए खुशहाल जीवन की कामना की। तो वहीं मकर स्नान करने वाले विभिन्न समुदाय के श्रद्धालुओं की ओर से जल कुंड में परिवार सहित डुबकी लगाया।

मकर संक्रांति मेले में हर साल आस्था की डुबकी लगाने वाले साफा होड़ के धर्म गुरु विराजपुर जामा के बिदूय टुडू ने जानकारी देते बताया कि आदिवासी समुदाय के लोग साफा होड़ धर्मावलंबी मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में हर साल यहां डुबकी लगाने पहुंचते हैं। उनका इष्ट देव राम और शिव है। पूरे नेम निष्ठा से स्नान ध्यान कर इष्ट देव को फल फूल अक्षत से पूजा अर्चना करते हैं और परिवार में विपत्ति को दूर कर खुशहाली की कामना करते हैं।

इस दौरान नौ प्रकार की लकड़ी जलाकर हवन-पूजन किया जाता है और तुलसी पिंड लगाया जाता है और उसी तुलसी पिंड को भगवान शिव एवं राम मानकर पूजा अर्चना की जाती है एवं हवन पूजन के माध्यम से नव ग्रह से मुक्ति मिलती है। साथ ही बताया कि य़ह पूजा अर्चना आदिवासी समाज के साफा होड़ समुदाय के लोग करीब 1906 - 07 के समय से मनाता आ रहा है और तब से यह परंपरा चल रही है। अपने समर्थकों के साथ दुमका भातूडीह से आए धर्म गुरु देवाशीष सोरेन ने कहा कि वे लोग मरांग बुरु को अपना देवता मानते हैं और तुलसी तथा राम की भी पूजा करते हैं। बताया कि एक दिन पहले ही यहां पहुंच गए थे और सुबह जल कुंड में स्नान ध्यान कर अपने आराध्य देव को पूजा उपासना करते हुए अनुयायियों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किए। उन्होंने बताया कि उनका गुरु 40साल से यहां आ रहा है लेकिन बहुत कुछ बदलाव नहीं हुआ है। बिजली पानी की समस्या तो है ही रात में ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने की जरूरत है।

प्रयाप्त लाइटिंग और पीने की पानी का प्रबन्ध सरकार को करनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि हर साल दुमका, साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, देवघर और जामताड़ा जिले से काफी संख्या में साफा होड़ समुदाय के लोग हर साल यहां डुबकी लगाने पहुंचते हैं। तंबू लगाकर दो से तीन दिन समर्थकों और अनुयायियों के साथ रात्रि निवास कर तीर्थ स्थल पर पवित्र स्नान ध्यान ओर आराधना करते हैं। इस अवसर पर बाबूराम मुर्मू, सुखलाल मुर्मू सहित अनेकों साफा होड़ एक साथ अपने धर्म गुरु के साथ यहां आस्था की डुबकी लगाये । यही वजह है कि तातलोई साफा होड़ धर्मावलंबियों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

मान्यता है कि जलकुंड के गर्म पानी में गंधक तत्व मिश्रित होते हैं जिसमें औषधीय गुण पाया जाता है जिससे स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का चर्म रोग एवं पेट संबंधी बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है। वहीं धार्मिक आस्था यह भी है कि मकर स्नान करने से शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते है और तन मन की शुद्धता और मानसिक सिद्धि प्राप्त होती है। जिससे यहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में साफा होड़ ओर अन्य समुदाय के श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचते हैं।

इस अवसर पर मकर संक्रांति पर भुरभुरी नदी तट पर तीन दिवसीय भव्य मेला के प्रथम दिन काफी भीड़ उमड़ पड़ी। साफा होड़ का पूजा अर्चना विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मकर संक्रांति मेला देखने आस-पास जिले से भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले में आने वाले लोग सभी प्रकार के जरूरत की सामग्री की भी खरीददारी कर रहे हैं। जल कुंड क्षेत्र के आसपास पर्यटन विभाग और सूचना एवं जन संपर्क विभाग की ओर से जागरूकता शिविर लगाया गया है। समाज कल्याण विभाग और पर्यटन विभाग की ओर से अब यहां जागरूकता कार्यक्रम और दर्शकों के मनोरंजन के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाने लगे हैं। स्थानीय नागरिक पुलिस प्रशासन के अलावा आयोजन समिति मेले को सफल बनाने और सुरक्षा में मुस्तैद रहते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार