असम के विकास की अनदेखी कर रहे हैं विपक्षी दल: असम भाजपा

गुवाहाटी, 02 जनवरी (हि.स.)। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 2020–25 की अवधि में असम को देश के सबसे तेज़ी से बढ़ते राज्यों में शामिल किए जाने के बावजूद विपक्षी कांग्रेस और राइजर दल के अध्यक्ष एवं शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई द्वारा असम में विकास नहीं होने के दावे को असम प्रदेश भाजपा ने “जानबूझकर की गई अनदेखी” करार दिया है।

राज्य भाजपा मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन से आज जारी एक बयान में पार्टी प्रवक्ता जयंत कुमार गोस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार और असम सरकार ने बीते वर्षों में राज्य के विकास परिदृश्य में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। उन्होंने अखिल गोगोई द्वारा जारी तथाकथित “आर्थिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट” पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि विधायक ने असम के विकास को नकारने का प्रयास कर अपनी बौद्धिक दिवालियापन को ही उजागर किया है।

गोस्वामी ने कहा कि वर्ष 2016 से पहले काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में लगभग रोज़ाना गैंडा शिकार की घटनाएं होती थीं, जिससे पर्यटन प्रभावित हुआ था। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद गैंडा शिकार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ और वर्ष 2025 में एक भी गैंडे की हत्या नहीं हुई। उन्होंने बताया कि केवल अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025—27 तारीख तक—काजीरंगा में 1,39,458 घरेलू और 6,699 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जो असम के तेज़ी से बदलते विकास माहौल का स्पष्ट प्रमाण है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नए वर्ष के दूसरे ही दिन अखिल गोगोई ने आरबीआई की हैंडबुक ऑफ स्टैटिस्टिक्स ऑन इंडियन स्टेट्स 2024–25 की 446 पन्नों की रिपोर्ट में से मात्र लगभग 40 पन्नों के आंकड़े चुनकर सरकार की आलोचना की और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की तालिका-7 के अनुसार 2019–20 में असम का नेट स्टेट वैल्यू एडेड 2,83,152 था, जो 2024–25 में बढ़कर 5,00,314 हो गया है, जो राज्य की तेज़ आर्थिक वृद्धि को दर्शाता है।

गोस्वामी ने कहा कि तालिका-10 के अनुसार कांग्रेस शासन के दौरान 2015–16 में प्रति व्यक्ति नेट स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट 50,642 था, जो 2024–25 में बढ़कर 81,127 हो गया है। यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस काल की कमजोर अर्थव्यवस्था अब मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि वर्ष 2015 में असम में मातृ मृत्यु दर 229 प्रति लाख थी। गोस्वामी ने अखिल गोगोई को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे तथ्यों और आंकड़ों के साथ कांग्रेस शासन और वर्तमान सरकार के दौरान असम की अर्थव्यवस्था की तुलनात्मक तस्वीर जनता के सामने रखें।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश