अंबिकापुर: धान खरीद व्यवस्था मनोरमा पाठक ने की व्यवस्था की खुलकर सराहना
- Admin Admin
- Jan 12, 2026
अंबिकापुर, 12 जनवरी (हि.स.)। सरगुजा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में लागू पारदर्शी और किसान-हितैषी व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी राहत मिल रही है। सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते धान बेचने की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में अधिक सरल, सुगम और त्वरित हो गई है। अंबिकापुर निवासी किसान मनोरमा पाठक ने धान खरीद व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के हित में एक सकारात्मक बदलाव बताया।
मनोरमा पाठक ने बताया कि ग्राम सोहगा में उनकी लगभग पांच एकड़ 20 डिसमिल भूमि में खेती है। इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण उनकी फसल का कुछ हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे उनके पास लगभग 22 क्विंटल धान ही विक्रय के लिए उपलब्ध हो पाया। इसके बावजूद धान उपार्जन केन्द्र के माध्यम से टोकन कटवाने से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया बेहद आसान और परेशानी-मुक्त रही। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू रही और किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा।
करजी धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर उन्हें गेट पास की त्वरित व्यवस्था, धान की नमी जांच और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया, जिससे धान विक्रय में किसी तरह की देरी नहीं हुई। समिति केन्द्र में किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया में बैठने की व्यवस्था और कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान व्यवस्था में किसान की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।
मनोरमा पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की नीति किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे किसानों में खुशी है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से किसान सशक्त और समृद्ध हो रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह



