मालदा में पीएम मोदी ने किया 3250 करोड़ की रेल व सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

कोलकाता, 17 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मालदा में 3,250 करोड़ की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना और विकास की गति को तेज करना है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री माेदी ने कहा कि नई रेल सेवाओं के शुभारंभ से मालदा से विकास की रफ्तार और तेज होगी, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापार को भी लाभ मिलेगा। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश में आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा के एक नए युग की शुरुआत है।

प्रधानमंत्री ने इसे ‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह ट्रेन मां काली की धरती को मां कामाख्या से बेहतर रेल संपर्क के माध्यम से जोड़ती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत है। ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे काफी आराम महसूस कर रहे हैं। हम भारतीय रेलवे में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल को तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी मिली हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे अपने ही देश में ट्रेन और कोच का निर्माण कर आत्मनिर्भर बन रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी हमारा मिशन है। हमारा लक्ष्य पूरे भारत को जोड़ना है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और गुवाहाटी से इसकी वापसी सेवा को भी वर्चुअली रवाना किया। पूर्णत: वातानुकूलित यह स्लीपर ट्रेन यात्रा समय को काफी कम करेगी और पूर्वी भारत तथा पूर्वोत्तर के बीच धार्मिक पर्यटन और आवागमन को बढ़ावा देगी।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया, जिनमें बलुरघाट–हिली नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में अत्याधुनिक फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा, सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन तथा जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास शामिल है। इन परियोजनाओं से उत्तर बंगाल में यात्री और माल परिवहन को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने न्यू कूचबिहार–बामनहाट और न्यू कूचबिहार–बॉक्सिरहाट रेल खंडों के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित किया, जिससे तेज, स्वच्छ और ऊर्जा दक्ष रेल परिचालन संभव होगा।

प्रधानमंत्री ने चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल, न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली, अलीपुरद्वार–एसएमवीटी बेंगलुरु और अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल) को भी वर्चुअली हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही, राधिकापुर–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस और बलुरघाट–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस नामक दो नई एलएचबी कोच ट्रेनों का शुभारंभ किया गया, जिससे बेंगलुरु जैसे प्रमुख रोजगार केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।

सड़क क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31डी के धुपगुड़ी–फालाकाटा खंड के पुनर्वास और चार लेन चौड़ीकरण का शिलान्यास किया, जिससे उत्तर बंगाल में यात्री और माल ढुलाई सुगम होगी।

कार्यक्रम में उपस्थित रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं देश को आत्मनिर्भर बनाने और कोलकाता से गुवाहाटी तक पूर्वी संपर्क को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के लिए रेल बजट आवंटन तीन गुना बढ़कर ₹14 हजार करोड़ हो गया है। ---------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर