‘भारत की जेन-जी रचनात्मकता से भरपूर’: प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलने का आह्वान किया
- Admin Admin
- Jan 12, 2026
नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की अगुआ है और देश की जेनरेशन-जी (जेन-जी) रचनात्मकता, नवाचार और नए विचारों से परिपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त कराएं और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
प्रधानमंत्री मोदी यहां भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग–2026 के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई ऊर्जा, नए विचार और स्पष्ट उद्देश्य के साथ युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण में सबसे आगे है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब मैंने पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब आप में से कई शायद पैदा भी नहीं हुए थे। जब 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, तब आप में से अधिकतर बच्चे थे। लेकिन तब भी और आज भी मुझे देश के युवाओं पर पूरा भरोसा है। आपकी क्षमता, प्रतिभा और ऊर्जा मुझे भी ऊर्जा देती है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत “ऑरेंज इकोनॉमी” यानी संस्कृति, कंटेंट और रचनात्मकता के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देख रहा है। मीडिया, फिल्म, गेमिंग, संगीत और डिजिटल प्रतिभा के क्षेत्र में भारत तेजी से वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने युवाओं से गेमिंग की दुनिया को भारतीय पौराणिक कथाओं से जोड़ने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “अकेले हनुमान जी ही पूरी दुनिया की गेमिंग इंडस्ट्री को आगे बढ़ा सकते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के हर युवा को यह संकल्प लेना होगा कि वह गुलामी की मानसिकता से भारत को बाहर निकाले। उन्होंने ब्रिटिश शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था में मैकाले की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में ऐसी पीढ़ी तैयार करने की कोशिश की गई, जो मानसिक रूप से गुलाम हो। इससे भारतीयों में अपनी परंपराओं, अपने उत्पादों और अपनी क्षमताओं के प्रति हीन भावना पैदा हुई। विदेशी और आयातित वस्तुओं को गुणवत्ता की पहचान मान लिया गया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह इस सोच को बदले और मैकाले की मानसिकता के दुष्प्रभावों को समाप्त करे।
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शुरू किया गया सुधारों का यह सफर अब “सुधार एक्सप्रेस” बन चुका है, जिसके केंद्र में युवा शक्ति है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के वस्तु एवं सेवा कर सुधारों और आयकर नीतियों से प्रक्रियाएं सरल हुई हैं। बारह लाख रुपये तक की आय पर शून्य कर से नए नौकरीपेशा युवाओं और युवा उद्यमियों को अधिक बचत और वित्तीय आत्मविश्वास मिला है।
स्टार्टअप संस्कृति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत में 500 से भी कम स्टार्टअप थे और अत्यधिक सरकारी हस्तक्षेप के कारण युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर नहीं मिल पाते थे। उन्होंने कहा कि युवाओं पर साफ फोकस के साथ नई योजनाएं शुरू की गईं, जिससे भारत में स्टार्टअप क्रांति ने वास्तविक गति पकड़ी।
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष, ड्रोन और रक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक अंतरिक्ष क्षेत्र केवल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन तक सीमित था, लेकिन इसे निजी क्षेत्र के लिए खोलने के बाद आज इसमें 300 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। स्काईरूट एयरोस्पेस जैसे स्टार्टअप ने कम समय में ‘विक्रम-एस’ रॉकेट का निर्माण कर उसे प्रक्षेपित किया है।
ड्रोन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले ड्रोन उड़ाने और बनाने पर कड़े प्रतिबंध थे और लाइसेंस लेना बेहद कठिन था। नए कानूनों और सरल नियमों के कारण अब युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। आज ड्रोन युद्ध के मैदान में दुश्मनों पर नजर रखने से लेकर खेती तक में उपयोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘नमो दीदियां’ कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्तमान में देश में एक हजार से अधिक रक्षा स्टार्टअप काम कर रहे हैं। कोई युवा ड्रोन बना रहा है तो कोई एंटी-ड्रोन प्रणाली विकसित कर रहा है। कुछ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों पर काम कर रहे हैं तो कुछ रोबोटिक्स में नवाचार कर रहे हैं। डिजिटल इंडिया अभियान के कारण रचनाकारों की एक नई समुदाय भी तैयार हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र प्रथम की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर विकसित भारत युवा नेता संवाद की शुरुआत की गई, जो कम समय में युवाओं की भागीदारी का एक बड़ा मंच बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक की यात्रा भारत और युवाओं दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “आपका सामर्थ्य भारत का सामर्थ्य बनेगा और आपकी सफलता भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।”
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार



