उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी अब केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि बन चुकी है सामाजिक संकट : इंजी सुनील कुशवाहा

प्रयागराज, 20 जनवरी (हि.स.)। आज का युवा मेहनत और योग्यता से पीछे नहीं है, पीछे है तो सिर्फ़ व्यवस्था की नाकामी से। वर्षों से परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्र भर्तियों में देरी, पेपर लीक और अनिश्चित भविष्य से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता में रोज़गार नहीं है। यह बात मंगलवार को युवा मांगे रोज़गार यात्रा के तहत अल्लापुर में छात्रों को संबोधित करते प्रगतिशील समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर सुनील कुशवाहा ने कही ।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोज़गार नहीं मिलेगा, तब तक न तो सामाजिक न्याय संभव है और न ही देश की प्रगति। श्री कुशवाहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी अब केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक संकट बन चुकी है। सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि युवा सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर हैं। इस अवसर पर महिला मोर्चा की संयोजक एडवोकेट मनीषा मिश्रा ने कहा कि बेरोज़गारी का सबसे गहरा असर बेटियों और युवा महिलाओं पर पड़ रहा है। पढ़ी-लिखी बेटियाँ प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल तो होती हैं, लेकिन भर्तियाँ न निकलने और पारदर्शिता की कमी के कारण उनका आत्मविश्वास टूटता है। उन्होंने कहा कि युवा मांगे रोज़गार सिर्फ़ युवाओं का नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और समान अवसर की लड़ाई भी है। इस दौरान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अजीत पटेल ने 23 जनवरी को सुभाष चौराहे पर आयोजित रोज़गार पंचायत में छात्रों और नौजवानों से अधिक से अधिक संख्या में पहुँच कर अपनी आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी को युवाओं की आवाज़ को निर्णायक दिशा दी जाएगी और रोज़गार को केंद्र में रखकर आगे की रणनीति सार्वजनिक की जाएगी। युवा मांगे रोज़गार यात्रा में बेरोज़गारी पर सीधा संवाद अभियान के तहत मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने प्रयागराज के अल्लापुर, सोहबतियाबाग़ और बैरहना क्षेत्र में कई स्थानों पर प्रतियोगी छात्रों और नौजवानों के बीच पहुँचकर सीधा संवाद किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल