गृहमंत्री शर्मा ने बस्तर के पांच गांवों को नक्सलमुक्त करने मांगा प्रस्ताव, विकास कार्य के लिए मिलेंगे एक-एक करोड़

बीजापुर, 08 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बीजापुर दाैरे के दूसरे दिन आज गुरुवार काे बस्तर संभााग के केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोदली, अंबेली और दरभा इन 5 गांवों को नक्सल मुक्त करने प्रस्ताव मांगा गया है। पहले यहां नक्सल दहशत थी, लेकिन अब इन गांवों में शांति है। गांवों के नक्सल-मुक्त घोषित होते ही विकास कार्य के लिए 1-1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, अब बस्तर बदल रहा है, यहां बम धमाके की गूंज नहीं, शांति महसूस की जा सकती है। विजय शर्मा बीजापुर जिले के कुटरू गांव पहुंचकर यहां उन्होंने नियद नेल्लानार के अंतर्गत पंचायतों के विकास के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों के साथ बैठक की । इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए ग्रामीण जनप्रतिनिधि और समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा शामिल हुए।छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर के कोने-कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी तरह से कार्य कर रही है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है, कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आएं और पुनर्वास का रास्ता अपनाकर गांवों और देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोली, अंबेली और दरभा गांव नक्सल मुक्ति की कगार पर हैं । उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया, ताकि इलवंद गांव के रूप में उनका विकास किया जा सके। नक्सलमुक्त घोषित होते ही विकास कामों के लिए 1-1 करोड़ रुपए भी दिए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे