यमुनानगर:धान घोटाले के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने किया प्रदर्शन

यमुनानगर, 16 जनवरी (हि.स.)। यमुनानगर में कथित धान घोटाले के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने शुक्रवार को यमुनानगर में जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में किसानों ने पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

मीडिया से बातचीत में गुरनाम सिंह चढूनी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में करीब 22 लाख टन धान का बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बाहर से चावल मंगवाकर उसे स्थानीय उपज के तौर पर दिखाया गया। चढूनी ने कहा कि यूनियन ने करीब दो लाख एकड़ भूमि से जुड़ा एक फर्जी पोर्टल पकड़ा था, जिसकी जानकारी सरकार को दी गई। आरोप है कि इस पोर्टल में नदियों, कॉलोनियों और गैर-कृषि भूमि को भी धान उत्पादन क्षेत्र के रूप में दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि अब इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

चढूनी ने आरोप लगाया कि करनाल में प्रतीकात्मक कार्रवाई जरूर हुई, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धान किसानों से करीब 1400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया और बाद में 2400 रुपये में बेचा गया, जिससे बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितता हुई। गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली और बीज जैसे बुनियादी संसाधनों का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार पूंजीपतियों के दबाव में काम कर रही है और किसान वर्ग को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए चढूनी ने बताया कि 23 मार्च को पिपली में किसानों की एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जबकि 18 और 19 जनवरी को कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन की विशेष बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार