पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग पर मंथन तेज

इस्लामाबाद/इस्तांबुल, 15 जनवरी (हि.स.)। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग को लेकर बातचीत अंतिम चरण की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन मंत्री रज़ा हयात हर्राज के अनुसार, तीनों देशों के बीच एक प्रारूप रक्षा समझौता तैयार किया जा चुका है, जिस पर पिछले लगभग दस महीनों से विचार-विमर्श चल रहा है।

हर्राज ने बताया कि यह प्रस्तावित समझौता पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पहले से मौजूद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग से अलग है। उनके अनुसार, समझौते का मसौदा तीनों देशों के पास मौजूद है और इसे अंतिम रूप देने के लिए आपसी सहमति की प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय हालात, विशेषकर हाल के वर्षों में बढ़ी अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक तीनों पक्ष औपचारिक सहमति नहीं बना लेते, तब तक इसे अंतिम समझौता नहीं कहा जा सकता।

वहीं, इस्तांबुल में एक प्रेस वार्ता के दौरान तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने स्वीकार किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को लेकर विभिन्न देशों के साथ बातचीत हुई है, लेकिन अब तक किसी भी त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।

फिदान ने कहा कि तुर्किए का दृष्टिकोण क्षेत्रीय देशों को साथ लाकर एक व्यापक और समावेशी सुरक्षा मंच तैयार करने का है, जिससे आपसी अविश्वास कम हो और बाहरी हस्तक्षेप, आतंकवाद तथा अस्थिरता जैसी समस्याओं से निपटा जा सके। उन्होंने जोर दिया कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता तभी संभव है, जब संबंधित देश एक-दूसरे पर भरोसा करें।

फिलहाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच बातचीत जारी है और आने वाले समय में इस संभावित रक्षा सहयोग को लेकर और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय