बौखलाया पाकिस्तान फिर कश्मीर कार्ड खेलने की तैयारी में

पीओके विद्रोह से ध्यान भटकाने को पाकिस्तान रच रहा भारत के खिलाफ साजिश!

इस्लामाबाद।  पाकिस्तान एक बार कश्मीर मुद्दे पर प्रोपेगैंडा फैलाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल को ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में भेजने की तैयारी कर रहा है, जो कश्मीर मुद्दे पर समर्थन हासिल करने की कोशिश करेगा। इसके तहत इन देशों के सांसदों, नीति-निर्माताओं, थिंक-टैंक और मीडिया संगठनों से बातचीत की जाएगी। हालांकि, इसे पाकिस्तान की पीओके में चल रहे विद्रोह से ध्यान भटकाने की हताश कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस्लामाबाद यह कदम ऐसे समय में उठाने जा रहा है, जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी क्कश्य में उसे सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी  ने पाकिस्तान को मांगें पूरी करने के लिए 21 जुलाई तक का अल्टीमेटम दे दिया है और ऐसा न होने पर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा है।
कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का नया प्लान इसी सप्ताह गुरुवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान की कथित संसदीय कश्मीर समिति और इस्लामाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक के दौरान सामने आया। पाकिस्तान की इस संसदीय कश्मीर समिति के प्रमुख शहबाज शरीफ सरकार में मंत्री राणा मोहम्मद कासिम नून हैं।नून ने बैठक के दौरान बताया कि संसदीय समिति ब्रिटेन और यूरोपीय संघ का दौरा करने की योजना बना रही है ताकि वहां के सांसदों, नीति-निर्माताओं, थिंक टैंक, मीडिया प्रतिनिधियों और पाकिस्तानी व कश्मीरी समुदाय के लोगों का बातचीत की जा सके। इतना ही नहीं, यह समिति आने वाले हफ्तों में इस्लामाबाद में कश्मीर पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना बना रही है।
भारत के जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश करता रहा है, जिसे नई दिल्ली ने बार-बार खारिज किया है। भारत ने यह दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। नई दिल्ली का कहना है कि कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच केवल द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है और एकमात्र मुद्दा पाकिस्तान के कब्जे वाले अवैध भारतीय इलाके को खाली कराना है।
एक तरफ पाकिस्तान जहां कश्मीर पर ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा है, दूसरी तरफ वह सिंधु जल संधि पर भारत की रोक से भी घबराया हुआ है। हाल के दिनों में इस्लामाबाद ने सिंधु जल समझौते को लेकर हृ से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गुहार लगा चुका है। हाल में पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि को लेकर इस्लामाबाद में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कराया था, जिसका उद्देश्य दुनिया का इस मुद्दे पर ध्यान खींचना था।