दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने लिवर स्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख पहलों का किया शुभारंभ

नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य राजधानी दिल्ली में लिवर से संबंधित रोगों की रोकथाम, जन-जागरूकता और रोगी शिक्षा को और ज्यादा मजबूत बनाना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आईएलबीएस के निदेशक एसके सरीन और उनकी पूरी टीम को लिवर केयर के क्षेत्र में निरंतर कुशल नेतृत्व और मरीजों को उत्कृष्ट और संवेदनशील सेवा प्रदान करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर डॉ. पंकज कुमार सिंह ने ‘लिवर ज्ञान’ हेल्पलाइन को लॉन्च किया, जो लिवर स्वास्थ्य से संबंधित जन-जागरूकता और परामर्श प्रदान करेगी। ‘द दिल्ली मॉडल: हेल्दी लिवर, हेल्दी दिल्ली’, जो एनएएफएलडी की 18 महीने की स्क्रीनिंग एवं जन-जागरूकता योजना है तथा हेपेटोलॉजी की सामान्य नैदानिक और उपचार प्रक्रियाओं पर आधारित हैंडबुक लोकार्पण किया। लिवर ज्ञान हेल्पलाइन 1800115354 (टोल-फ्री) पर उपलब्ध होगी, जहां नागरिकों को लिवर स्वास्थ्य से संबंधित मार्गदर्शन, तेजी से सुनवाई और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

इस दौरान उपस्थित डॉक्टरों और स्टाफ मेंबर्स को संबोधित करते हुए पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जो कोई भी लिवर मरीज की इलाज की लंबी प्रक्रिया या लंबे और कठिन महीनों तक चलने वाली डायलिसिस की प्रक्रिया को करीब से देखता है, वह समझ सकता है कि पीड़ितों के परिवारों पर कितना बड़ा शारीरिक और मानसिक बोझ पड़ता है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि हमारे नागरिकों को सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।

दिल्ली सरकार ने सुलभ और पब्लिक सेंट्रिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने विशेषतौर पर स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने, रोगों की प्रारंभिक पहचान और आरोग्य मंदिर क्लीनिकों के विस्तार जैसे सामुदायिक स्वास्थ्य प्रयासों पर भी जोर दिया।

निदेशक एसकेसरीन ने स्वास्थ्य मंत्री के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की गति अभूतपूर्व रही है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में पांच वर्षों का कार्य पूरा हुआ है, जो स्वास्थ्य मंत्री द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर नेटवर्क के तेजी से विस्तार जैसे प्रयासों का परिणाम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव