परशुराम कुंड मेला, राष्ट्रीय ध्वज स्मारक और परशुराम कुंड गेस्ट हाउस का उद्घाटन
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- Jan 13, 2026
इटानगर, 13 जनवरी (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने आज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर लोहित नदी के तट पर स्थित पवित्र तीर्थस्थल परशुराम कुंड में परशुराम कुंड मेला, राष्ट्रीय ध्वज स्मारक और परशुराम कुंड गेस्ट हाउस का उद्घाटन किया।परशुराम कुंड मेला और राष्ट्रीय ध्वज स्मारक का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर, जनरल ऑफिसर कमांडिंग 3 कोर की उपस्थिति में किया गया। तिरंगे को एकता, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव का शक्तिशाली प्रतीक बताते हुए चौना मीन ने कहा कि परशुराम कुंड में इसकी स्थापना भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान के पवित्र मिलन को दर्शाती है।
परशुराम कुंड के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल भगवान परशुराम की तपस्या से गहराई से जुड़ा हुआ है और सदियों से आस्था, शुद्धि और नवजीवन का स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र त्योहार के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन और मेले का आयोजन राष्ट्र के प्रति एकता, भक्ति और सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश को सुदृढ़ करता है।
उपमुख्यमंत्री ने स्मारक ध्वज परियोजना की परिकल्पना और क्रियान्वयन के लिए भारतीय सेना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह पहल न केवल देश की सीमाओं की रक्षा के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि प्रेरणा और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी योगदान देती है।
उन्होंने ऐतिहासिक वालॉन्ग युद्ध और भारतीय सेना तथा अरुणाचल प्रदेश के लोगों के बीच मजबूत संबंधों को याद किया। मीन ने परशुराम कुंड गेस्ट हाउस का भी उद्घाटन किया और इसे इस पवित्र स्थल पर तीर्थयात्रा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह नई सुविधा श्रद्धालुओं और आगंतुकों को आरामदायक आवास प्रदान करेगी, साथ ही स्थानीय रोजगार में योगदान देगी और क्षेत्र में सतत आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी।
उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि परशुराम कुंड में सभी विकासात्मक गतिविधियां धार्मिक पवित्रता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का पूरा सम्मान करते हुए की जा रही हैं।
उपमुख्यमंत्री ने स्मारक राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना में कमला रतनसे मस्काई के उदार योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया और इसे राष्ट्र के प्रति प्रेम और श्रद्धा की एक महान अभिव्यक्ति बताया।
मकर संक्रांति के पवित्र अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज स्मारक, परशुराम कुंड गेस्ट हाउस और परशुराम कुंड मेले का उद्घाटन एक गहन आध्यात्मिक और राष्ट्रीय महत्व का क्षण था, जिसने भारत के सबसे पूजनीय तीर्थ स्थलों में से एक पर आस्था, एकता और राष्ट्रीय गौरव के मूल्यों को सुदृढ़ किया।
उपमुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम से प्रार्थना करते हुए सभी के लिए शांति, सद्भाव और कल्याण की कामना की।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी



