पटवार वृत्त बड़ोहग को कानूनगो वृत्त पन्याली-सरेड़ी में शामिल करने से पर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
- Admin Admin
- Jan 02, 2026
हमीरपुर, 02 जनवरी (हि.स.)। ग्रामीण एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए उपतहसील कांगू क्षेत्र के बारह गांवों ने प्रशासनिक पुनर्गठन के एक नए फैसले का जोरदार विरोध किया है। इन गांवों को अचानक पटवार वृत्त बड़ोहग कानूनगो वृत कांगू से हटाकर नवगठित कानूनगो वृत्त पन्याली-सरेड़ी में शामिल कर दिया गया है, जिसे ग्रामीण मनमाना और अव्यावहारिक बता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी व्यवस्था के तहत उपतहसील कांगू उनके गांवों से मात्र डेढ़ से दो किलोमीटर दूर था, जबकि नया कानूनगो कार्यालय पन्याली-सरेड़ी पांच-छह किलोमीटर दूर और तहसील मुख्यालय गलोड़ लगभग 10 किलोमीटर दूर हो जाएगा। इससे रोजमर्रा के कामकाज, शिकायत निवारण और आपात सेवाओं में भारी असुविधा होगी।
इसी विरोध को लेकर सभी प्रभावित गांवों सनाही कलां, सनाही खुर्द, कोहलवीं, अटयालू, हार मसंदा, सासन मसंदा, कारगू जगीर, कारगू खालसा, चलैली, भढेड़ा, सासन ब्राह्मणा व ढगो – के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक विशेष बैठक आयोजित कर सामूहिक रणनीति तैयार की।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस अतार्किक निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए और पटवार वृत्त बड़ोहग को पुनः कानूनगो वृत्त कांगू में ही रखा जाए। ग्रामीणों ने अपनी इस मांग को लेकर बुधवार को नायब तहसीलदार कांगू बलवंत सिंह राणा के माध्यम से जिला प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष एक ज्ञापन भी सौंपा है।
ग्रामीणों का तर्क है कि दशकों से चली आ रही व्यवस्था में अचानक बदलाव न केवल उनके लिए परेशानी का सबब है, बल्कि इससे प्रशासनिक कार्यकुशलता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में वरिष्ठ नागरिक जमना दास अग्निहोत्री ने पत्रकारों को बताया कि यह फैसला ग्रामीणों के हितों के विपरीत है और प्रशासन को ग्रामीणों की सुविधा व समय का ध्यान रखते हुए इस आदेश को पलटना चाहिए। उन्होंने कहा की यदि प्रशासन उनकी मांग पर कार्यवाही नही करता तो ग्रामीण माननीय उच्च न्यायालय का रुख भी कर सकते हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा



