बागवानी उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए सहकारी समितियों का होगा सुदृढ़ीकरण: जगत सिंह नेगी

सोलन, 16 जनवरी (हि.स.)। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि प्रदेश में बागवानी क्षेत्र की उत्पाद विपणन प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए सहकारी समितियों का सशक्त नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे बागवानों को न केवल अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि विपणन अधोसंरचना भी गांव-गांव तक पहुंचेगी।

जगत सिंह नेगी शुक्रवार को सोलन जिला के नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में सेब में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना पत्ता धब्बा रोग पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सेब सहित अन्य फलों के विपणन के लिए सहकारी समितियों का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है और उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, बेहतर समन्वय तथा विश्वास को बढ़ाया जाना चाहिए।

बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सेब व अन्य फलों में लगने वाले रोगों के प्रभावी प्रबंधन के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नौणी विश्वविद्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि कीट प्रबंधन, रोग उपचार और भविष्य में रोग के प्रसार को कम करने के लिए डाटा संग्रहण और वैज्ञानिक विश्लेषण को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानी को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है, ताकि बागवानों की फसल समय पर मंडियों तक पहुंचे और उन्हें बेहतर दाम मिल सकें। वर्ष 2025 में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत लगभग 120 करोड़ रुपये के सेब बागवानों से खरीदे गए हैं।

जगत सिंह नेगी ने बताया कि बागवानी विभाग और नौणी विश्वविद्यालय मिलकर वैज्ञानिकों के परामर्श व बागवानों के सुझावों के आधार पर आवश्यकता आधारित कीटनाशक उपयोग की समयसारिणी तैयार करेंगे। उन्होंने चरणबद्ध रूप से गांवों को गोद लेकर बागवानी गतिविधियों की निगरानी करने और विश्वविद्यालय के यू-ट्यूब चैनल की आउटरीच बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा