
जौनपुर,10 जनवरी (हि.स.)। यूपी के जौनपुर पुलिस ने एक करोड़ से अधिक और 150 लोगों से आनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामले का शनिवार को खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शहर आयुष श्रीवास्ताव ने बाताया कि जलालपुर थाना क्षेत्र के कबूलपुर गाँव निवासी प्रियम श्रीवास्तव पुत्र राजकुमार श्रीवास्तव ने फर्जी तरीके से राजरीता फर्म बनाकर ए 4 साइज के पेपर व नोटबुक बनाकर डिलेवरी करने का झांसा देकर लोगों से आर्डर लेता था और उसका आनलाइन पैसा अपने परिवार के लोगों के नाम से बनाये गये फर्जी ढंग से एकाउंट में मंगवाता था। जिस एकाउंट की जानकारी सम्बन्धित घर वालों को भी नहीं होती थी। जब ग्राहक डिलेवरी के लिए बिल मांगते थे तो ये इनवाईस मेकर एप द्वारा अपने फर्म राजरीता का फर्जी बिल बनाता था और पिक्स आर्ट एप के द्वारा आनलाइन डीटीडीसी कोरियर का फर्जी बिल्टी बनाकर उनके व्हात्सएप नम्बर पर भेज देता था। लेकिन माल डिलेवर नही करता था। साथ ही एक्स पोर्टर इण्डिया और इण्डिया मार्ट जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करके आनलाईन बेबसाईट के मध्यम से ग्राहक खोजता था और गेमिंग प्लेटफार्म पर पैसे मंगा लेता था।
बैंक खाते कि जाँच पड़ताल करने पर इसके खाते में 2021 से अब तक 1 करोड़ से अधिक फर्जी ट्रांजेक्शन किया गया है। इस पर अब तक विभिन्न राज्यों में कुल 21 एनसीआरपी कम्प्लेंन होना पाया गया है। और पुलिस पूछताछ में ये भी सामने आया कि ये नेपाल और फिलिपिन्स जैसे विदेशो में भी आनलाईन ठगी कर चुका है। जल्द रूपये कमाने और बड़ा आदमी बनने के चक्कर में यह गेमिंग एप भी चलाता था। इसके पास से पुलिस ने चार मोबाईल फोन भी जब्त किया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब नगर कोतवाली में नगर के परमानतपुर मोहल्ला निवासी अखंड प्रताप सिंह ने इसके खिलाफ थाने में तहरीर दिया और आरोप लगाया कि प्रियम श्रीवास्तव ने फर्जी तरीके से उससे ए4 साइज पेपर देने के नाम पर ढाई लाख रूपये अपने एकाउंट में मंगवा लिया है। लगभग मुझे 4 साल लगातार दौड़ा रहे हैं और न ही माल दे रहे है और न ही पैसा दे रहे हैं। इस पर साइबर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए प्रतिबिम्ब पोर्टल से प्राप्त संदिग्ध को गिरफ्तार किया। जिससे पुरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस ने पूछताछ में प्रियम श्रीवास्तव ने बताया कि आनलाईन ठगी कर जो पैसा जमा किया है। उससे उसने अपनी खुद की शादी की और गाँव में एक अच्छा सा मकान बनाया और एक चार पहिया गाड़ी खरीदी। जिससे वो चलता था हालांकि बड़ा आदमी बनने के चक्कर में खुद को इस अपराध की दुनिया में ले आया।
आरोपित प्रियम श्रीवास्तव ने इंटर तक की पढाई करने के बाद खुद को व्यापार में उतार लिया और इसने सबसे पहले ब्रेड की सप्लाई का काम शुरू किया। उसके बाद से 2017 में खुद रीता राज नाम की एक फर्म डाली और उसी कारोबार शुरू किया। उस फर्म ने वो नोटबुक ए4 पेपर बनाया जाता था। हालंकि उनकी मां आशा कार्यकर्ती और परिवार में पिता कुछ नहीं करते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव



