चित्तौड़ जेल में पैसे लेकर उपलब्ध करवाई निषिद्ध सामग्री, विभाग की जांच में हुआ खुलासा
- Admin Admin
- Jan 11, 2026
चित्तौड़गढ़, 11 जनवरी (हि.स.)। जेल में बंद बंदियों को विभागीय स्टाफ की मिली भगत से कई प्रकार की निषिद्ध सामग्री उपलब्ध कराने की शिकायत मिलती रहती है। चित्तौड़गढ़ जिला जेल में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें विभागीय स्टाफ की मिली भगत से लंबे समय तक निषिद्ध सामग्री उपलब्ध करवाई गई थी। इतना ही नहीं बंदियों के परिजनों से इसके बदले में मोटी रकम भी ली गई। जेल प्रशासन की विभागीय जांच में इसकी पुष्टि हुई है। जनवरी 2022 से जनवरी 2023 के बीच रुपए के लेन-देन की जांच हुई है। रिपोर्ट के बाद चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस थाने में रविवार को प्रकरण दर्ज किया है। जेल मुख्यालय की ओर से दिए गए दस्तावेजों के आधार पर अब कोतवाली थाना पुलिस मामले के अनुसंधान में जुटी हुई है।
चित्तौड़गढ़ कोतवाली थाने के एएसआई अर्जुन गुर्जर ने बताया कि कोतवाली थाने में अधीक्षक महानिदेशालय कारागार जयपुर दिनेश कुमार मीणा की और से रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में बताया कि जिला कारागार चित्तौड़गढ़ पर तत्कालीन डिप्टी जेलर अशोक पारीक एवं जेल प्रशासन की ओर से भ्रष्टाचार करने संबंधी परिवार मिला था। इस परिवाद में अधीक्षक केंद्रीय कारागृह उदयपुर से मामले की जांच करवाई जाकर रिपोर्ट पर प्राप्त की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार जिला चित्तौड़गढ़ पर कुछ बंदियों की ओर से जेल के बाहर से जेल की चार दीवारी के ऊपर से निषिद्ध सामग्री फेंकने और उपलब्ध करवाने, जेल में निषिद्ध सामग्री अन्य बंदियों को चोरी छिपे उपयोग करवाने की बात सामने आई।शिकायत में अंकित फोन पर नंबरों पर कुछ राशि का लेन-देन होना प्राथमिक रूप से प्रमाणित होना पाया गया है। जेल प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट के बताया कि परिवाद में अंकित मोबाइल यूपीआई आईडी से किए गए पैसे की निकासी के संबंध में बंदी मोहनलाल मीणा की पत्नी लालीबाई मीणा की यूपीआई आईडी से बैंक लिंक खाता का आईएफएससी कोड उपलब्ध नहीं हो पाया था। इसके कारण बैंक खाते की जानकारी नहीं मिली। वहीं बंदी मोहन जाट के रिश्तेदार रामचंद्र जाट की यूपीआई आईडी से लिंक पंजाब नेशनल बैंक के खाते एवं खुला बंदी शिविर चित्तौड़गढ़ के बंदी लालूराम मीणा की यूपीआईडी से लिंक पंजाब नेशनल बैंक के खाते की जानकारी निकलवाई गई। दोनों बैंक खातों का एक सितंबर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक का विवरण संबंधित बैंक से प्राप्त कर के अवलोकन किया। इसमें यूपीआई आईडी लालू राम मीणा के खाते से अधिकतर पैसे की निकासी भीलवाड़ा रोड स्थित एटीएम से हुई। वहीं यूपीआई आईडी रामचंद्र जाट से अधिकतम पैसे विभिन्न मोबाइल पर भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जिला जेल चित्तौड़गढ़ से अवैध सामग्री उपलब्ध करवाने की थी। इसके बदले पैसों का अवैध लेन देन अपने परिजन के खातों में किया था। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में चित्तौड़गढ़ जेल में बंद रहे बंदी मोहनलाल मीणा, मोहनलाल जाट तथा लालूराम मीणा के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है। इस मामले में अनुसंधान में जुट गई है।
20 से ज्यादा पेज की दी शिकायत
इधर, जानकारी में सामने आया किअधीक्षक महानिदेशालय कारागार जयपुर दिनेश कुमार मीणा ने कोतवाली थाने में शिकायत भेजी है। इसमें मुख्य शिकायत के अलावा 20 से अधिक पेज की शिकायत दी है। इसमें तत्कालीन जेल अधीक्षक योगेश तेजी, डिप्टी जेलर अशोक पारीक सहित अन्य स्टाफ और बंदियों तक के बयान दर्ज है। साथ ही लाखों रुपए के लेन-देन होने का हवाला बैंक खातों के माध्यम से दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल



