झज्जर : सफाई कर्मियों ने ठेका प्रथा के विरोध में दिया धरना

झज्जर, 01 जनवरी (हि.स.)। नगर परिषद बहादुरगढ़ के सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना देकर ठेका प्रथा खत्म कर उन्हें नगर परिषद में अनुबंध के आधार पर भर्ती करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से मेहनत कर शहर को स्वच्छ रखने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें समय पर वेतन तक नहीं मिल रहा।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले दो महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। मोनू प्रधान, अनिल, विजय, दर्शना व संदीप का कहना है कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों के अनुसार करीब एक वर्ष से उनका लगातार शोषण किया जा रहा है और उनकी समस्याओं को लेकर प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। सफाई कर्मचारियों ने यह भी बताया कि 17 दिसंबर को नगर परिषद की सामान्य बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से सफाई ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। उस समय कर्मचारियों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें राहत मिलेगी और नगर परिषद सीधे उन्हें अनुबंध पर रखेगी। लेकिन अब दोबारा ठेकेदार के माध्यम से काम कराने की बात कही जा रही हैए जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

उन्होंने कहा कि जब तक ठेका प्रथा पूरी तरह समाप्त नहीं की जाती और उन्हें नगर परिषद में अनुबंध के आधार पर शामिल नहीं किया जाताए तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कर्मचारियों ने कहा कि वे नगर परिषद के अंडर काम करने के लिए तैयार है, मगर वे ठेकेदार के आधीन काम नहीं करेंगे। क्योंकि न तो उन्हें समय पर वेतन मिलता है और ठेकेदार व्यवहार भी उनके प्रति सही नहीं है। ऐसे में उन्हें महीने में कम से कम चार छुट्टी दी जाएं, केवल आठ घंटे काम लिया जाए और समय पर वेतन दिया जाए ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / शील भारद्वाज