रोज मौसी बनी अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा झारखंड की प्रदेश अध्यक्ष

--गुरु डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी के आशीर्वाद से मिली बड़ी जिम्मेदारी

प्रयागराज, 17 जनवरी (हि.स)। झारखंड के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। किन्नर समाज को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहीं महामण्डलेश्वर स्वामी राजेश्वरीनंद गिरि महराज (रोज मौसी) को अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा ने झारखंड का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया है।

यह घोषणा न केवल किन्नर समाज बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है। रोज मौसी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके सामाजिक कार्यों, निष्ठा और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए दी गई है।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर प्रो (डा) स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी महाराज ने महामंडलेश्वर रोज मौसी को यह पद सौंपा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रदेश अध्यक्ष घोषित होने के बाद रोज मौसी ने भावुक होते हुए कहा कि यह मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है। मेरे गुरुजी स्वामी डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के चरणों में कोटि-कोटि नमन करती हूं। उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यह पद केवल एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि किन्नर समाज के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को और मजबूत करने का अवसर है।

रोज मौसी ने साबित कर दिया कि समाज में रहकर भी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत और लगन से किन्नर समाज को एक नई पहचान दिलाने का काम किया है। वर्षों से वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सम्मान और मानवाधिकारों को लेकर लगातार सक्रिय रही हैं।

झारखंड के विभिन्न जिलों में उन्होंने किन्नर समाज के उत्थान के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए। सरकारी योजनाओं से समाज को जोड़ने, पहचान पत्र, राशन कार्ड, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उन्होंने प्रशासन से लगातार संवाद किया।

अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा से झारखंड की प्रदेश अध्यक्ष बनने वाली रोज मौसी पहली ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने इस पद पर पहुंचकर राज्य का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यह उपलब्धि झारखंड के किन्नर समाज के लिए एक नई दिशा और उम्मीद लेकर आई है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि रोज मौसी की नियुक्ति से झारखंड में किन्नर समाज के संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिलेगी और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

किन्नर अखाड़ा झारखंड की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वरीनंद गिरि (रोज मौसी) के प्रदेश अध्यक्ष बनने की खबर फैलते ही झारखंड सहित देश भर में किन्नर समाज में खुशी की लहर दौड़ गयी। जगह - जगह बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। समाज के लोगों ने इसे किन्नर समाज की जीत बताया और कहा कि यह पद उनके अधिकारों की आवाज को और बुलंद करेगा।

अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा का उद्देश्य किन्नर समाज को आध्यात्म, सेवा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से सशक्त बनाना है। रोज़ मौसी इस विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए झारखंड में संगठन को मजबूत करने, नए सदस्यों को जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाने की योजना बना रही हैं।

महामण्डलेश्वर स्वामी राजेश्वरीनंद गिरि ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि किन्नर समाज को केवल पहचान ही नहीं बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता भी मिले। रोज मौसी का प्रदेश अध्यक्ष बनना यह संदेश देता है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो कोई भी समाज पीछे नहीं रहता। यह नियुक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और झारखंड को सामाजिक समरसता की दिशा में आगे ले जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र