चुचुड़ा में विधायक असित मजूमदार और सांसद रचना बनर्जी के बीच दूरी बरकरार, राजनीतिक अटकलें तेज
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- Jan 01, 2026
हुगली, 01 जनवरी (हि. स.)। दुर्गापूजा से पहले चुचुड़ा के एक स्कूल में स्मार्ट क्लास निर्माण को लेकर शुरू हुई विधायक असित मजूमदार और तृणमूल कांग्रेस सांसद रचना बनर्जी के बीच की दूरी साल के अंत तक कम नहीं हुई है। बुधवार को चुंचुड़ा में आयोजित विधानसभा उत्सव के खुटी पूजा कार्यक्रम में विधायक असित मजूमदार मौजूद थे, लेकिन सांसद रचना बनर्जी वहां नजर नहीं आईं। हालांकि, उसी समय से कुछ दूरी पर तृणमूल के टाउन अध्यक्ष श्यामाप्रसाद मुखर्जी के कंबल वितरण कार्यक्रम में रचना बनर्जी की मौजूदगी देखी गई। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस मुद्दे पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रचना बनर्जी ने विधायक पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विधायक के बारे में जितना बोलूंगी, उतना ही मेरा समय बर्बाद होगा। वह जो ठीक समझते हैं, वही करते हैं। उन्हें उनके हाल पर छोड़ दीजिए, मुझे मेरे हाल पर रहने दीजिए।
उन्होंने साफ कहा कि वह विधायक के किसी भी कार्यक्रम में नहीं जाती हैं और आगे भी जाने की उनकी कोई इच्छा नहीं है।
रचना बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुचुड़ा नगरपालिका के कई पार्षदों को ठीक से काम नहीं करने दिया जा रहा, जिससे उनमें भारी असंतोष है। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति में लाने और सांसद बनाने का श्रेय पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को जाता है। उनका लक्ष्य केवल लोगों के लिए काम करना और उनके साथ खड़ा रहना है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि विधायक पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे।
वहीं, विधायक असित मजूमदार ने कहा कि पार्टी की नेता ममता बनर्जी ने ही उन्हें और सांसद रचना बनर्जी दोनों को टिकट दिया है। उन्होंने कहा कि मैं अपने सांसद को अपने सभी कार्यक्रमों में आमंत्रित करता हूं। वह आएं या न आएं, यह उनका फैसला है। मैं उनके मन में तो झांक नहीं सकता। वह अपनी बात कह रही हैं, मैं अपनी बात कह रहा हूं। मेरे कार्यक्रमों में सांसद का नाम रहता है, लेकिन वह आती नहीं हैं। अगर कोई नहीं आता, तो मैं क्या कर सकता हूं?
इस बीच, जिस दिन सांसद रचना बनर्जी कंबल वितरण कार्यक्रम में शामिल थीं, उसी कार्यक्रम में विधायक असित मजूमदार के करीबी माने जाने वाले हुगली–चुचुड़ा नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन गौरिकांत मुखर्जी की मौजूदगी भी देखी गई, जिसने इस राजनीतिक दूरी को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय



