यमुनानगर, 02 जनवरी (हि.स.)। रेलवे में नौकरी दिलाने के बहाने एक शादीशुदा महिला एवं तीन बच्चों की मां के साथ लंबे समय तक यौन शोषण, धोखाधड़ी एवं ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने रेलवे के दाे कर्मचारियाें पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने शिकायत पर दोनों के खिलाफ दुष्कर्म, ठगी एवं अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जगाधरी सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि वह मूल रूप से रेलवे क्षेत्र इंदौर (मध्य प्रदेश) की निवासी है और विवाहित है। उसके तीन बच्चे हैं—एक बेटी और दो बेटे। पारिवारिक विवाद के चलते उसे पति ने घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह यमुनानगर में जड़ौदा गेट के पास किराए के मकान में रहने लगी।
पीड़िता के अनुसार, उसके ससुर भारतीय रेलवे में कार्यरत थे। इसी कारण उसकी पहचान रेलवे कर्मचारी विनीता जैसवाल से हुई, जिनका उसके घर आना-जाना था। महिला का आरोप है कि उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए विनीता ने यह विश्वास दिलाया कि रेलवे में उसकी अच्छी पकड़ है और वह उसे नौकरी दिलवा सकती है। इसी बहाने उसकी मुलाकात मुकेश जैसवाल, निवासी रेलवे कॉलोनी, इंदौर से कराई गई। महिला ने बताया कि मुकेश ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कई लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने का दावा किया। उसने फोन पर किसी वरिष्ठ अधिकारी से बात करने का नाटक किया, आधार कार्ड की फोटो ली और कुछ अंग्रेजी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद दोनों आरोपिताें ने महिला को यह कहकर मानसिक दबाव में रखा कि नौकरी पाने के लिए मुकेश के हर निर्देश का पालन करना होगा।
पीड़िता का आरोप है कि उसके पिता ने विनीता को नौकरी के नाम पर एक लाख रुपये नकद और सोने के जेवर भी दिए। दिसंबर 2023 में मुकेश ने उसे इंदौर बुलाया, जहां विनीता पहले से मौजूद थी। महिला का कहना है कि विनीता द्वारा दी गई चाय पीने के बाद वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को निर्वस्त्र अवस्था में पाया।
विरोध करने पर मुकेश ने उसे धमकाया और भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ी तो वह उसे अपना लेगा। इसके बाद आरोपी ने इंदौर में किराए का मकान दिलवाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध बार-बार यौन शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। मुकेश ने बच्चे को अपना नाम देने और खर्च उठाने का आश्वासन दिया।
महिला ने बताया कि 8 सितंबर 2024 को उसने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद दिसंबर 2024 में मुकेश उसे यमुनानगर ले आया, यहां किराए का मकान दिलवाया और कुछ समय तक 20-25 दिन में आकर खर्च देता रहा। बाद में उसने आना-जाना बंद कर दिया और बच्चे की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। जब महिला ने नौकरी दिलाने की बात उठाई तो मुकेश ने साफ कह दिया कि उसका कभी नौकरी दिलाने का इरादा नहीं था और उसने केवल यौन शोषण के उद्देश्य से ही विनीता के माध्यम से संपर्क किया था। शिकायत करने की बात पर दोनों आरोपिताें ने फोन पर जान से मारने और नाबालिग बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दीं।
जगाधरी सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों-विनीता जैसवाल और मुकेश जैसवाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपिताें की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और मामले की गहन जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार



