ठाणे में 8 जनवरी से रामभाऊ व्याख्यान माला,पूनावाला करेंगे शुभारंभ

Punavala inaugurated inaugurated rambhau lecture series

मुंबई,03 जनवरी ( हि.स.) । ठाणे शहर में आइडियोलॉजिकल ज्ञान देने वाली, जिसका बहुत इंतज़ार था, स्वर्गीय रामभाऊ म्हालगी मेमोरियल व्याख्यान माला (लेक्चर सीरीज़) 8 से 14 जनवरी तक होगी ।, यह जानकारी व्याख्यान माला समिति के अध्यक्ष विधायक संजय केलकर ने देते हुए कहा कि यह व्याख्यान माला का चालीसवां वर्ष है।

इस व्याख्यान माला का शुभारंभ का उद्घाटनभारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला 8 जनवरी को करेंगे और 'वंदे मातरम और नेशनल रिवाइवल' पर सेमिनार में जर्नलिस्ट किरण तारे, इंडिया-पाकिस्तान पार्टीशन के स्कॉलर डॉ. राजीव पुरी और जर्नलिस्ट मिलिंद भागवत शामिल होंगे। 9 जनवरी को, पुणे के दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल की मेडिकल जेनेटिसिस्ट डॉ. कौमुदी गोडबोले 'हेरेडिटरी डिज़ीज़ एंड रेमेडीज़' टॉपिक पर गाइड करेंगी। 10 जनवरी को, सुमेधा चिथड़े 'राष्ट्रयस्वहा: इंदं न मम' टॉपिक पर अपने विचार रखेंगी। 11 जनवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पश्चिमी क्षेत्र सेवा विभाग के प्रमुख उपेंद्र कुलकर्णी संघ की शताब्दी के मौके पर एक वैचारिक लेक्चर देंगे। 12 जनवरी को अक्षय जोग लौह पुरुष वल्लभभाई पटेल की पर्सनैलिटी को बताने वाला एक फूल समर्पित करेंगे। 13 जनवरी को अमेजिंग नमस्ते फाउंडेशन के गुवाहाटी प्रेसिडेंट और IIM शिलांग ट्रस्टी बोर्ड के मेंबर अतुल कुलकर्णी 'विकासाचार्य वतेवा पूर्वांचल' टॉपिक पर पूर्वांचल इलाके के डेवलपमेंट पर रोशनी डालेंगे। 14 जनवरी को एक्टर योगेश सोमन आखिरी फूल चढ़ाएंगे। 'फिल्म इंडस्ट्री की बदलती डेफिनिशन' टॉपिक पर वे इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के सफर को बताएंगे।

यह लेक्चर सीरीज 8 से 14 जनवरी तक हर दिन रात 8 बजे ठाणे के नौपाड़ा में टेलीफोन एक्सचेंज के पास, ठाणे में सरस्वती सेकेंडरी स्कूल के पटांगण में ऑर्गनाइज़ की गई है।

व्याख्यान माला के संयोजक विधायक संजय केलकर ने कहा कि इस लेक्चर सीरीज की खासियत यह है कि अब तक अलग-अलग फील्ड के सैकड़ों नेशनल और स्टेट लेवल ग्रुप्स ने इस लेक्चर सीरीज में अपने विचार रखे हैं और 40 साल में एक भी लेक्चरर रिपीट नहीं हुआ है और कोरोना पीरियड को छोड़कर रामभाऊ चार दशकों में जगह, तारीख और समय में कोई बदलाव नहीं हुआ है, ऐसा रामभाऊ म्हालगी मेमोरियल लेक्चर सीरीज के चेयरमैन एमएलए संजय केलकर ने बताया। शहर के डेवलपमेंट के लिए सिर्फ गगनचुंबी इमारतें, फ्लाईओवर, सड़क की सुविधाएं ही नहीं, बल्कि शहर का आइडियोलॉजिकल स्ट्रक्चर भी जरूरी है। यह आइडियोलॉजिकल मूवमेंट पिछले चार दशकों से म्हालगी लेक्चर सीरीज के जरिए बिना रुके चल रहा है, ।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा