यमुनानगर, 13 जनवरी (हि.स.)।
यमुनानगर में फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट से लूटपाट कर उसे हत्या के इरादे से नहर में धकेलने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजना अग्रवाल की अदालत ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात–सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 25–25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषियों की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला निवासी किरणपाल, यमुनानगर की आजाद नगर कॉलोनी निवासी सलाम और चित्रा मंदिर रोड स्थित शांति कॉलोनी निवासी शुभम के रूप में हुई है। मामला 25 मई 2024 की रात का है। बुड़िया थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी विनीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बजाज फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट के रूप में कार्यरत है। ड्यूटी समाप्त कर वह स्कूटी से घर लौट रहा था, तभी फतेहपुर नहर पुल के पास एक युवक ने उससे लिफ्ट मांगी। कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपी ने चाकू दिखाकर उसे पश्चिमी यमुना नहर की पटरी पर दड़वा की ओर मोड़ दिया, जहां उसके दो साथी पहले से मौजूद थे। तीनों आरोपियों ने मिलकर विनीत कुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की और उससे सोने की चेन, अंगूठी, चांदी का कड़ा, मोबाइल फोन तथा 1500 रुपये नकद लूट लिए। वारदात के बाद उसे मौत के घाट उतारने की नीयत से नहर में धक्का दे दिया गया। पीड़ित किसी तरह नहर से बाहर निकलने में सफल रहा और घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 26 मई 2024 को लूट, आपराधिक साजिश और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच के दौरान 28 मई को शुभम और सलाम को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया सामान और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई। 31 मई को तीसरे आरोपी किरणपाल को भी गिरफ्तार कर उससे नकदी की बरामदगी की गई।
जिला उप-न्यायवादी सुधीर सिद्धड़ ने बताया कि सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे, लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच, ठोस बरामदगी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार



