शिमला के संकटमोचन मंदिर पार्क को नया रूप, 15 साल बाद हुआ नवीनीकरण

शिमला, 08 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर परिसर का पार्क अब नए रूप में दिखाई देगा। लंबे समय से उपेक्षित रहे इस पार्क का नवीनीकरण किया जा रहा है। इससे स्थानीय बच्चों के साथ-साथ शिमला आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह काम इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा और पार्क को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

संकटमोचन मंदिर शिमला के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर के साथ बना यह पार्क वर्ष 2004 में तैयार किया गया था और कुछ वर्षों तक इसका उपयोग भी हुआ, लेकिन वर्ष 2010 के बाद से यहां कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया। समय के साथ पार्क की हालत खराब होती चली गई। झूले टूट चुके थे, जमीन कच्ची और असमतल हो गई थी और बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित माहौल नहीं बचा था। स्थानीय लोग लंबे समय से इसके जीर्णोद्धार की मांग कर रहे थे।

पिछले वर्ष उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्क की खराब स्थिति सामने आने के बाद उन्होंने इसके नवीनीकरण के निर्देश दिए। इसके बाद बीते कई महीनों से पार्क को नए सिरे से तैयार करने का काम चल रहा है। प्रशासन के अनुसार करीब 20 लाख रुपये की लागत से पार्क को आधुनिक और आकर्षक रूप दिया जा रहा है, जिससे मंदिर परिसर की सुंदरता भी बढ़ सके।

नवीनीकरण के तहत बच्चों के खेलने के लिए नए और सुरक्षित झूले लगाए गए हैं। पूरे पार्क में ग्रीन कारपेट बिछाई गई है, जिससे बच्चों को साफ और सुरक्षित जगह मिल सके। इसके अलावा पार्क में नए खिलौने और सजावटी पुतले लगाए जा रहे हैं। आगंतुकों के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालु और परिवार यहां कुछ समय आराम से बिता सकें।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि पार्क के नवीनीकरण का काम अंतिम चरण में है और इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने ही पार्क को स्थानीय बच्चों और पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि नया संकटमोचन पार्क शिमला में लोगों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा