
अमेठी, 16 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में अमेठी जिले के थाना बाजार शुक्ल क्षेत्र में तैनात एक सिपाही पर भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर संबंधित सिपाही के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। जिस पर एसपी ने आरोपित को कार्यस्थल से हटा दिया और मामले की जांच सीओ को सौंपी है।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि सुरेंद्र पाल पिछले करीब सात वर्षों से थाना बाजार शुक्ल थाना में सिपाही चालक के पद पर तैनात है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि सिपाही अपराधियों से कथित तौर पर सांठगांठ कर धन उगाही में लिप्त हैं और क्षेत्र में अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि थाना क्षेत्र में कुछ गतिविधियां धर्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं, जिनकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित प्रभाव और भय के कारण क्षेत्र के लोग खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे हैं। पत्र में यह भी उल्लेख है कि विभागीय जांच कराए जाने पर कई तथ्यों के सामने आने की संभावना है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित सिपाही को उनके प्रभाव से मुक्त रखते हुए निलंबित किया जाए। भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि जानकारी के तत्काल बाद आरोपित सिपाही को नियमित प्रक्रिया के तहत पुलिस लाइन भेज गया है। उसके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह को जांच सौंपी गई है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत जो भी रिपोर्ट आएगी उसके हिसाब से आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी



