सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत मामले में आरोपित बिल्डर गिरफ्तार

नोएडा, 20 जनवरी (हि.स.)। नोएडा के सेक्टर 150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गहरे गढ्ढे में भरे पानी में डूबने से हुई मौत के मामले में थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने आज एक बिल्डर को गिरफ्तार किया है। थाने में मृतक के पिता ने दो बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने मंगलवार काे बताया कि 16 जनवरी की देर रात को सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज अपनी कार में सवार होकर गुरुग्राम स्थित ऑफिस से नोएडा के सेक्टर 150 स्थित अपने घर जा रहे थे। सेक्टर 150 के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर बड़े नाले को फांदते हुए बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में जा गिरी। उन्होंने बताया कि मौके पर पुलिस, फायर बिग्रेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें पहुंची। करीब तीन घंटे के रेसक्यू के बाद युवराज का शव बरामद हुआ।

उन्होंने बताया कि मामले में मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पिता राजकुमार मेहता ने थाना नॉलेज पार्क में बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर और लोटस ग्रीन बिल्डर को नामित करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 106 (1) और 125 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आज कार्रवाई करते हुए वेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

मालूम हो कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को तत्काल प्रभाव से हटाकर उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया है। इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। जांच टीम ने आज से अपनी जांच शुरू कर दी है। जांच टीम के मुखिया एडीजी मेरठ भानु भास्कर ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण की टीम, नोएडा जिला अधिकारी, नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी सभी लोग यहां मौजूद हैं। हमारी टीम ने जांच शुरू कर दी है। शासन के निर्देश पर हम पांच दिनों के अंदर इसकी रिपोर्ट साैंप देंगे। सभी लोग से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि मृतक के पिता और उसके साथ आए कुछ लोगों से भी बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना दुखद है। इसको लेकर सरकार और प्रशासनिक विभाग दुखी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी करने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है, और कौन दोषी है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी