वरिष्ठ वामपंथी नेता समीर पुततुण्ड का निधन, ममता ने शोक जताया

कोलकाता, 12 जनवरी (हि.स.)। वरिष्ठ वामपंथी नेता समीर पुततुण्ड का रविवार देर रात निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। रविवार रात करीब 11:15 बजे दक्षिण कोलकाता के मुकुंदपुकुर स्थित एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

परिवार सूत्रों के अनुसार, समीर पुततुण्ड लंबे समय से अस्वस्थ थे। सोमवार उनका पार्थिव देह दक्षिण 24 परगना स्थित उनके पैतृक आवास ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह जानकारी उनकी पत्नी और पीडीएस (पार्टी ऑफ डेमोक्रेटिक सोशलिज़्म) की नेता अनुराधा पुततुण्ड ने दी।

समीर पुततुण्ड को सीपीएम के एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में जाना जाता था। वे दक्षिण 24 परगना जिले में पार्टी के जिला सचिव रह चुके थे। हालांकि, पार्टी नेतृत्व से मतभेद के चलते उन्होंने वर्ष 2001 के विधानसभा चुनाव से पहले सैफुद्दीन चौधरी के साथ सीपीएम से अलग होने का फैसला किया।

इसके बाद उन्होंने पीडीएस की स्थापना की और उसी चुनाव में जादवपुर विधानसभा सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद के वर्षों में सिंगूर और नंदीग्राम के भूमि आंदोलन के दौरान वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

ममता बनर्जी ने अपने शोक संदेश में कहा कि समीर पुततुण्ड के निधन से उन्होंने एक पुराने साथी को खो दिया है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर