सनातनी किन्नरों के शोषण का मुद्दा गरमाया: किन्नर अखाड़ा ने की जांच की मांग
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- Jan 16, 2026
जयपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। राजधानी जयपुर में शुक्रवार को मानसरोवर स्थित सुमेर पैराडाइज में किन्नर अखाड़ा द्वारा देश में पहली बार किन्नर समाज के भीतर चल रही अवैध गतिविधियों और धार्मिक कट्टरता पर एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास महाराज ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि देशभर में एक संगठित जाल “किन्नर जिहाद” के नाम पर सक्रिय है,जो सनातनी किन्नरों के धर्मांतरण, अवैध वसूली और आर्थिक शोषण में लिप्त है। उनके इस प्रयास को बजरंग सेना, हिन्दू वाहिनी सेना, विश्व हिंदू परिषद, मीणा महासंघ जैसे कई अन्य संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है।
महाराज ने दावा किया है कि 80% सनातनी किन्नरों को दबाव, डर और प्रतिबंधों के माध्यम से मुस्लिम रीति-रिवाज़ अपनाने पर मजबूर किया गया, विरोध करने पर मारपीट और आर्थिक दंड तक लगाए जाते हैं। जन्म से हिंदू होने के बावजूद कई किन्नरों का अंतिम संस्कार इस्लामिक तौर-तरीकों से किया जाता है। कथित हिजड़ा गिरोह त्योहारों, शादियों और अन्य शुभ अवसरों पर गुंडागर्दी के साथ अवैध वसूली करते हैं। सनातनी समाज से मिल रहे पैसों का उपयोग शराब, मांसाहार, अय्याशी, मदरसों और संदिग्ध गतिविधियों में किया जा रहा है। तथाकथित किन्नर सम्मेलनों में 10–15 दिनों तक कव्वाली, नाच–गाना, जुआ और शराब पर 10–20 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि इन संगठनों पर ना टैक्स है, ना कोई सरकारी निगरानी। बड़ी संख्या में किन्नर गिरोहों में बांग्लादेशी व्यक्तियों का प्रवेश भी दर्ज किया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ऋषि अजय दास महाराज ने कहा कि देश में हजारों समाजसेवी संस्थाएँ दान का हिसाब सरकार को देती हैं, लेकिन किन्नर गिरोहों को टैक्स और जांच से अजीब तरह की छूट मिली हुई है, जबकि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रमुख किन्नर नेता इन जिहादी गिरोहों के साथ मिलकर सनातनी किन्नरों की घर वापसी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ऋषि अजय दास महाराज ने समाज और सरकार से अपील करते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त कट्टरपंथी किन्नरों का बहिष्कार किया जाए और सनातनी किन्नरों को उनका सम्मान और अधिकार वापस दिलाए जाएँ।” उन्होंने चेतावनी दी कि धार्मिक आयोजनों, विशेषकर कुंभ जैसे बड़े कार्यक्रमों में किन्नर वेशधारी कट्टरपंथी तत्वों के प्रवेश से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इस मौके पर पंडित अशोक शर्मा (संस्थापक बजरंग सेना), विजय शर्मा (राष्ट्रीय महासचिव बजरंग सेना), राजेश शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान बजरंग सेना), हेमांगी जगद्गुरु (किन्नर वैष्णव किन्नर अखाड़ा), काजल किन्नर (जिला अध्यक्ष कोटा), साध्वी सौम्या सखी (छत्तीसगढ़), तनीषा सनातनी (प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान), मीनू किन्नर (प्रदेश अध्यक्ष दौसा लालसोट), निशा किन्नर (उनियार, कनिका (जयपुर), दीपिका (जयपुर), रूबी (जयपुर), सचिन सोनकर वकील साहब (इंदौर), अलकेश शर्मा (हिन्दू वाहिनी कानपुर), भागीरथ (हिन्दू महासभा), सुमित खंडेलवाल (बजरंग दल), राम भजन मीणा वकील साहब, रामावतार मीणा (मीणा महासंघ) उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश



