हिसार : एमडीडी ऑफ़ इंडिया ने 110 बच्चों को बाल विवाह व बाल श्रम से बचाया : कामिनी मलिक
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- Jan 02, 2026
हिसार, 02 जनवरी (हि.स.)। बाल सुरक्षा व संरक्षण की दिशा में जिले के लिए 2025 एक बेहतरीन साल रहा। इस साल जिला प्रशासन और सामुदायिक नेताओं के साथ करीबी समन्वय से काम करते हुए गैर सरकारी संगठन एमडीडी ऑफ़ इंडिया ने 110 बच्चों को बाल विवाह व बाल श्रम से बचाया। एमडीडी ऑफ़ इंडिया की जिला समन्वयक कामिनी मलिक ने शुक्रवार काे बताया कि उनके संगठन ने मानव तस्कर विरोधी इकाई के सहयोग से 110 बच्चों को बाल श्रम एवं भिक्षाव्रती कार्यो से मुक्त कराया गया। इनमे 30 लड़कियां एवं 80 लड़के थे। इन बच्चो की उम्र 6 वर्ष से 16 वर्ष थी। इस साल संगठन ने जिले में 715 अभिभावकों से लिखित में वचन-पत्र लिए कि वो अपने बच्चों की शादी क़ानूनी विवाह योग्य उम्र होने पर ही करेंगे। इसके साथ साथ बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले के 300 से अधिक स्कूलों, ग्राम पंचायतो एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में 75 हजार से अधिक स्टाफ सदस्यों, छात्र- छात्राओं एवं आम लोगों को बाल-विवाह के विरुद्ध शपथ दिलवाई गई। जिले में 3 दर्जन से अधिक गांवों में जागरूकता के लिए कैंडल मार्चो का भी आयोजन किया गया। एमडीडी ऑफ़ इंडिया देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है। जेआरसी के 250 से भी ज्यादा सहयोगी संगठन बाल अधिकारों की सुरक्षा व बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए देश के 451 जिलों में काम कर रहे हैं। बचाव, सुरक्षा व अभियोजन की रणनीति पर अमल करते हुए इस नेटवर्क ने 1 जनवरी 2025 से अब तक देश भर में 1 लाख 98 हजार 628 बाल विवाह रोके हैं। इसके अलावा, इसी दौरान देश भर से कुल 55 हजार 146 बच्चों को ट्रैफिकिंग से मुक्त कराया गया,जिनमें 40 हजार 830 लड़के व 14 हजार 316 लड़कियां थीं। इसके अलावा बच्चों की ट्रैफिकिंग के 42,217 मामले दर्ज कराए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर



