Operation Sohan ऑपरेशन सोहन के बाद पांच जिलों में तलाशी जारी शोपियां में IED निष्क्रिय
- Sanjay Kulshrestha
- Sep 21, 2026
जम्मू/श्रीनगर, 21 सितंबर। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के विरुद्ध सुरक्षाबलों ने अभियान तेज कर दिया है। उधमपुर जिले के मजालता वन क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सोहन’ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकियों के मारे जाने के बाद एक अन्य संदिग्ध आतंकी की तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि तीसरा आतंकी मुठभेड़ में घायल होने के बाद जंगलों में छिपा हो सकता है। इसके मद्देनजर कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ जिलों के संवेदनशील वन एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इस बीच, दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों ने सड़क किनारे लगाए गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का पता लगाकर उसे निष्क्रिय कर दिया। समय रहते विस्फोटक मिलने से एक संभावित आतंकी वारदात टल गई। दोनों घटनाओं के बाद जम्मू और कश्मीर संभाग में सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
मजालता के जंगलों में व्यापक तलाशी अभियान
‘ऑपरेशन सोहन’ 16 सितंबर की रात उधमपुर जिले के मजालता क्षेत्र में स्थित बर्ताल, सोहन और खुब्बन के घने जंगलों में शुरू किया गया था। खुफिया सूचना के आधार पर सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने संयुक्त घेराबंदी एवं तलाशी अभियान चलाया था।
17 सितंबर की सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकी मारे गए थे। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल और संदिग्ध रास्तों पर मिले कुछ निशानों के आधार पर तीसरे आतंकी के घायल होने की आशंका जताई गई है। हालांकि उसकी मौजूदगी और स्थिति को लेकर आधिकारिक रूप से अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
जंगलों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षाबल ड्रोन, खोजी कुत्तों और थर्मल सर्विलांस उपकरणों की सहायता ले रहे हैं। संभावित ठिकानों, प्राकृतिक गुफाओं, नालों और घने वन क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
पुराने घुसपैठ मार्ग पर विशेष नजर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार मजालता और आसपास का इलाका रणनीतिक रूप से संवेदनशील है। यह क्षेत्र कठुआ-सांबा सीमा से मजालता, बसंतगढ़ और रामनगर होते हुए डोडा, भद्रवाह तथा किश्तवाड़ की ओर जाने वाले पुराने घुसपैठ मार्ग से जुड़ा बताया जाता है। यह रास्ता आगे दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी रही है।
इसी कारण तलाशी और निगरानी को मजालता तक सीमित न रखते हुए कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ के जंगलों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों तक बढ़ाया गया है। संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त संयुक्त नाके लगाए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ मजालता, रामनगर, बसंतगढ़, बिलावर और रामकोट के आसपास वाहनों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच भी बढ़ाई गई है।
मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की सूचना है। इसके माध्यम से आतंकियों के स्थानीय संपर्कों, ठिकानों और सहायता नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। एक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर से पूछताछ किए जाने की भी खबर है।
शोपियां में सड़क किनारे मिला IED
दूसरी ओर, शोपियां जिले के जैनापोरा क्षेत्र के अवनीरा गांव में सड़क किनारे संदिग्ध विस्फोटक मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी। सूचना मिलते ही 44 राष्ट्रीय राइफल्स, CRPF की 178वीं बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
बम निरोधक दस्ते को बुलाकर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत IED को निष्क्रिय किया गया। कार्रवाई के दौरान सड़क पर आम लोगों और वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। विस्फोटक निष्क्रिय होने के बाद आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि IED किसने और किस उद्देश्य से लगाया था।
सुरक्षा एजेंसियां विस्फोटक की प्रकृति, उसमें इस्तेमाल सामग्री और संभावित आतंकी नेटवर्क की जांच कर रही हैं। इलाके में अतिरिक्त नाके लगाए जाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ी
ऑपरेशन सोहन और शोपियां में IED मिलने की घटना अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं, लेकिन इनके बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी गई है। सीमावर्ती इलाकों, जंगलों, राष्ट्रीय राजमार्गों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षाबलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या सुरक्षाबलों को दें और किसी लावारिस वस्तु को न छुएं।

