चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए नई सीनियर रेजिडेंटशिप नीति बनाएगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू
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- Jan 07, 2026
शिमला, 07 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए एक समान सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी तैयार करेगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत सीनियर रेजिडेंट के पदों का युक्तिकरण किया जाएगा, ताकि जरूरत के अनुसार पदों की संख्या तय की जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीनियर रेजिडेंटशिप में जनरल ड्यूटी ऑफिसर (जीडीओ) के लिए कोटा बढ़ाकर 66 प्रतिशत किया जाएगा। अभी यह अनुपात जीडीओ और सीधी भर्ती के बीच 50-50 प्रतिशत है। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर चुके डॉक्टरों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा, नाहन, हमीरपुर और नेरचौक में नए विषयों में एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता भी बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की आधारभूत संरचना मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह भी कहा कि डीएम और एमसीएच सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टरों को चिकित्सा महाविद्यालयों में नियुक्ति दी जाएगी, ताकि जटिल और गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधाएं प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में आधुनिक तकनीक से लैस स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आईसीयू स्थापित किए जाएंगे।
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मरीजों के लिए अधिक सहज बनाने के उद्देश्य से 1000 रोगी मित्र नियुक्त करेगी। इनमें से 500 रोगी मित्र चिकित्सा महाविद्यालयों में और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किए जाएंगे। इस योजना का पहला चरण पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हमीरपुर जिले से शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि रोगी मित्रों की भूमिका और जिम्मेदारियों के लिए विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर ली है। पायलट चरण में रोगी मित्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया जाएगा।
इसके अलावा चमियाणा अस्पताल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और आईजीएमसी शिमला में भी पायलट आधार पर 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की सहायता के लिए रोगी मित्र तैनात किए जाएंगे। इन संस्थानों में रोगी मित्रों के लिए विशेष काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि बुजुर्ग मरीजों को इलाज से जुड़ी प्रक्रियाओं में आसानी हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों की विभिन्न ओपीडी में मरीजों से संबंधित आंकड़ों को दर्ज करने के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की योजना और निगरानी बेहतर ढंग से हो सके।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने के लिए नवोन्मेषी और दीर्घकालिक कदम उठा रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा



