मालदा,17 जनवरी (हि.स)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मालदा की जनसभा से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकार की करी आलोचना की। सभा को संबोधित करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने उत्तर बंगाल के विकास और राज्य की मौजूदा औद्योगिक स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ दल को कठघरे में खड़ा किया।
शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि, उत्तर बंगाल को वंचित किए जाने का जो नारा दिया जाता है, उसी नारे के नाम पर यहां के आम लोगों को असली विकास से दूर रखा गया है। उन्होंने इस उपेक्षा की राजनीति को बंद करने की बात कहते हुए स्थानीय भावनाओं और भूमिपुत्रों को महत्व देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, हमें अपने घर के बेटे को घर वापस लाना होगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान प्रवासी मजदूरों की समस्याओं की ओर इशारा करता है।
राज्य में उद्योगों की कमी और रोजगार के अभाव पर सवाल उठाते हुए शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तत्काल औद्योगिकीकरण की जरूरत है। राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में बदलाव का संकेत देते हुए उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, अब बस कुछ महीनों का इंतजार है। उनके इस बयान को आगामी चुनावों के मद्देनजर राज्य में राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की इस हाई-वोल्टेज सभा में शमिक भट्टाचार्य के भाषण ने उत्तर बंगाल के मतदाताओं में खासा उत्साह पैदा किया। मालदा की इस सभा से यह साफ हो गया कि भाजपा उत्तर बंगाल को विशेष महत्व दे रही है, जो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के शब्दों में स्पष्ट रूप से झलकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार



