मतदान केंद्रों की सुरक्षा को लेकर बंगाल भाजपा ने हाई कोर्ट में दायर की जनहित याचिका

कोलकाता, 13 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदान केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर राज्य भाजपा ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की।

याचिका में सभी मतदान केंद्रों पर पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई है। इस मौके पर मीडिया से बातचीत में शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले कई वर्षों में राज्य में कभी भी पूरी तरह शांतिपूर्ण मतदान नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दिन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की मौजूदगी के बावजूद मतदाताओं को डराया-धमकाया जाता है।

भट्टाचार्य ने कहा कि मतदान केंद्रों पर लगाए गए वेब कैमरों को निष्क्रिय कर दिया जाता है और केंद्रीय बलों को मतदान कक्ष के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जाता, जहां कथित तौर पर गड़बड़ियां होती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के पोलिंग एजेंटों के साथ बदसलूकी की जाती है।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान जोरसांको विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान में कोलकाता नगर निगम की पार्षद मीना देवी पुरोहित पर हुए कथित हमले का भी उल्लेख किया और इसे चुनावी हिंसा का उदाहरण बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान भी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार डराया जा रहा है, ताकि वे सत्तारूढ़ दल के दबाव में काम करें। भट्टाचार्य के अनुसार, इसके बावजूद बीएलओ अच्छा काम कर रहे हैं, जिससे तृणमूल कांग्रेस असहज है और चुनाव से पहले हिंसा बढ़ने की आशंका है।

भाजपा ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि वह मामले में हस्तक्षेप कर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दे। ------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर