स्वामी विवेकानंद की जयंती पर भाजपा ने उठाए उत्तर बंगाल के विकास और रेल कनेक्टिविटी के मुद्दे

कोलकाता, 12 जनवरी (हि.स.)।

स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सोमवार को साल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने उत्तर बंगाल के विकास, राष्ट्रीय एकता और रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की पहलों को रेखांकित किया।

प्रेस वार्ता की शुरुआत में शमिक भट्टाचार्य ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद मास्टरदा सूर्य सेन के आत्मबलिदान दिवस को भी श्रद्धा के साथ स्मरण किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन ने लगभग मृत अवस्था में भी सूर्य सेन को फांसी दी, लेकिन उनका संघर्ष किसी भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं था, बल्कि सम्पूर्ण भारत की स्वतंत्रता के लिए था।

उन्होंने कहा कि आज भी देश विभाजन की पीड़ा बंगाल झेल रहा है। राजनीतिक सीमा रेखा खिंच जाने के कारण एक ही भाषा और संस्कृति साझा करने वाले लोग अलग-थलग पड़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथ और हिंसा की घटनाएं दोनों बंगालों में अशांति को जन्म दे रही हैं, जिससे स्वामी विवेकानंद के विचारों के अनुरूप राष्ट्रीय एकता बाधित हो रही है।

उत्तर बंगाल के विकास को लेकर शमिक भट्टाचार्य ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के लिए बजट में बड़ी राशि आवंटित की जाती है, लेकिन उसका पूरा उपयोग नहीं हो पाता। मुख्यमंत्री द्वारा उत्तरकन्या से की गई प्रशासनिक घोषणाओं के बावजूद क्षेत्र की आधारभूत संरचना और संपर्क व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं दिखता।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विकासात्मक नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से संघीय ढांचे को मजबूत करते हुए बिना किसी भेदभाव के सभी राज्यों के विकास पर ध्यान दिया गया है।

रेल कनेक्टिविटी को लेकर उन्होंने कहा कि वर्ष की शुरुआत में ही पश्चिम बंगाल, विशेषकर उत्तर बंगाल को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आगामी 17 जनवरी से कोलकाता से कामाख्या के बीच वंदे भारत की पहली स्लीपर क्लास ट्रेन का संचालन शुरू होगा। इसके अलावा, छह अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत भी की जा रही है, जो प्रवासी श्रमिकों और आम यात्रियों के लिए किफायती और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेंगी।

उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदा से कामाख्या के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और उसी दिन एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इन रेल परियोजनाओं से बालुरघाट, रायगंज, अलीपुरद्वार और मालदा का दक्षिण भारत से सीधा संपर्क स्थापित होगा।

शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि उत्तर बंगाल की भौगोलिक स्थिति के कारण मरीजों को इलाज के लिए लंबी और महंगी यात्राएं करनी पड़ती हैं। नई रेल कनेक्टिविटी से इलाज, रोजगार और आवागमन के क्षेत्र में आम और वंचित वर्ग को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नॉन-एसी होने के बावजूद इन ट्रेनों की आधुनिक डिजाइन और तेज गति इन्हें आम जनता के लिए उपयोगी बनाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर