श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल का जताया आभार

श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल का जताया आभार


जम्मु, 07 जनवरी ।

आज श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के कोर ग्रुप की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें पिछले 45 दिनों से चल रहे घटनाक्रम और नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा लिए गए हालिया निर्णय पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के पश्चात समिति के संयोजक कर्नल सुखवीर सिंह मनकोटिया के नेतृत्व में एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें संघर्ष समिति ने अपनी आगामी रणनीति और आंदोलन की अभूतपूर्व सफलता पर विस्तार से बात रखी।

मीडिया को संबोधित करते हुए संयोजक कर्नल सुखवीर सिंह मनकोटिया ने सबसे पहले प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 45 दिनों तक चले इस लंबे संघर्ष को जन-जन तक पहुँचाने और इसे तार्किक परिणति तक ले जाने में मीडिया कर्मियों ने एक मजबूत सेतु का कार्य किया है। कर्नल मनकोटिया ने विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि श्राइन बोर्ड की यूनिवर्सिटी में पाई गई अनियमितताओं के कारण एनद्वएमसी मेडिकल कॉलेज की अनुमति रद्द करना न्याय की जीत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र में एक ऐसी संवेदनशील सरकार है जो करोड़ों भक्तों की आस्था और जन-भावनाओं का सम्मान करना जानती है। इस दौरान उन्होंने पूरे भारत के सनातनियों और उन सभी वर्गों का हृदय से धन्यवाद किया जिन्होंने इस आंदोलन को अपना बिना शर्त समर्थन दिया।

कर्नल मनकोटिया ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से पुरजोर अपील की कि वे श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को स्पष्ट निर्देश जारी करें कि भविष्य में संस्थान के भीतर सनातन धर्म की परंपराओं और संस्कृति का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। समिति ने मांग की कि श्राइन बोर्ड के बायलॉज में आवश्यक संशोधन करने के लिए उपराज्यपाल महोदय जल्द निर्णय लें।

इन संशोधनों के जरिए बोर्ड में हिंदुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने और संस्थान के भीतर योग, वेद तथा संस्कृत पर शोध कार्य शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघर्ष समिति का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं है बल्कि धर्म और मर्यादा की रक्षा करना है और इसके लिए समिति प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार है।

इसी अवसर पर परषोत्तम दधीचि ने आंदोलन के वैचारिक पक्ष को रखते हुए कहा कि समिति ने सदैव यह सुनिश्चित किया कि इस संघर्ष में अनुशासन और मर्यादा की लक्ष्मण रेखा कभी न टूटे। उन्होंने सौहार्दपूर्ण तरीके से स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन के दौरान आवेश में आकर उपराज्यपाल महोदय के संदर्भ में कोई भी तीखी बयानबाजी हुई हो, तो उसे केवल एक जन-आक्रोश के रूप में देखा जाए और उसे अन्यथा न लिया जाए।

दधीचि ने इस विवाद को सुलझाने और उचित समाधान तक पहुँचाने में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के व्यक्तिगत योगदान और उनकी सकारात्मक भूमिका की जमकर सराहना की। समिति ने इस बात पर विशेष गर्व व्यक्त किया कि यह आंदोलन हिंदू एकता का परिचायक बना, जिसमें सभी सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संस्थाओं और बार एसोसिएशन ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। एकता का परिचय देने के लिए इन सभी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया।

प्रेस वार्ता के समापन के पश्चात, संघर्ष समिति की पूरी टीम और भारी संख्या में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर एक भव्य विजय यात्रा निकाली। यह हर्षोल्लास भरी यात्रा परेड ग्राउंड से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर पहुँची। मंदिर परिसर में समिति के सदस्यों ने नतमस्तक होकर भगवान का आशीर्वाद लिया और आंदोलन की सफलता के लिए प्रभु का कोटि-कोटि धन्यवाद कर अपनी यात्रा का समापन किया। इस दौरान वातावरण 'जय माता दी' और 'जय श्री राम' के जयघोष से गुंजायमान रहा। इस प्रेस वार्ता और यात्रा के माध्यम से समिति ने यह संकल्प दोहराया कि वे भविष्य में भी श्री माता के कार्यों को लेकर समर्पित रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि श्राइन बोर्ड के भीतर सब कुछ धर्मानुकूल हो।

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