निवेश के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, आठ आरोपित गिरफ्तार
- Admin Admin
- Jan 18, 2026
नई दिल्ली, 18 जनवरी (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की साइबर थाना टीम ने निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आठ शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार कंबोडिया से संचालित साइबर अपराधियों से जुड़े पाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने केवल 14 दिनों में करीब 4 करोड़ रुपये म्यूल खातों में जमा कराए थे और अब तक 63 एनसीआरपी शिकायतें इन खातों से जुड़ी मिली हैं।
दक्षिण-पश्चिम जिला जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने रविवार को बताया कि 7 नवंबर 2025 को वसंत कुंज निवासी 42 वर्षीय महिला की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया । शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के जरिए शेयर ट्रेडिंग में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया गया। फर्जी दावों और गारंटीड रिटर्न का भरोसा दिलाकर ठगों ने महिला से 15.58 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मनी ट्रेल, तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू की। जांच में सबसे पहले तेलंगाना निवासी वनापतला सुनील की भूमिका सामने आई, जो कमीशन पर म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। उसे तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कीसरा (तेलंगाना) में फर्जी फर्म खोलकर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में करंट अकाउंट खुलवाने की बात कबूली।
इसके बाद हैदराबाद से उसके सहयोगी सकीनाला शंकर को गिरफ्तार किया गया, जिसने यह खाता मनोज यादव को सौंपने की जानकारी दी। पुलिस ने उप्र के संत कबीर नगर से मनोज यादव को पकड़ा। आगे की कड़ी में बनारस से संदीप सिंह उर्फ लंकेश, राजस्थान के कोटा से आदित्य प्रताप सिंह, दिल्ली के पहाड़गंज से राहुल और शेरू और बरेली से सोमपाल को गिरफ्तार किया गया।
कंबोडिया से चल रहा था साइबर ठगी का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि पीड़ितों को लुभाने के लिए जिन व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, वे कंबोडिया से ऑपरेट किए जा रहे थे। भारत में बैठे आरोपी म्यूल खातों के जरिए ठगी की रकम इकट्ठा कर उसे परत-दर-परत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर विदेश भेजते थे। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 10 हाई-टेक स्मार्टफोन, 13 सिम कार्ड बरामद किया। पुलिस के अनुसार, आरोपित साेमपाल एमबीए ग्रेजुएट है और सॉफ्टवेयर कंपनी चला रहा था। कंपनी बंद होने के बाद उसने अपना कॉर्पोरेट अकाउंट साइबर ठगों को दे दिया, जिससे 51 शिकायतें जुड़ी मिलीं। इस गिरोह से जुड़े खातों पर अब तक 63 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और विदेश में बैठे सरगनाओं तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी



