भारत के मिडिल डिस्टेंस धावक जिनसन जॉनसन का डेढ़ दशक लंबा शानदार करियर समाप्त, संन्यास की घोषणा
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- Jan 07, 2026
नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। भारत के मिडिल-डिस्टेंस धावक जिनसन जॉनसन ने बुधवार को प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उनका करीब डेढ़ दशक लंबा शानदार करियर समाप्त हो गया।
जिनसन जॉनसन ने रियो ओलंपिक 2016 में 800 मीटर स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने अपने करियर का अंत 1500 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ किया, जिसे उन्होंने 2019 में बर्लिन में आयोजित आईएसटीएएफ मीट में 3:35.24 मिनट के समय के साथ बनाया था। रियो ओलंपिक 2016 में उनकी भागीदारी ने उन्हें 1980 में श्रीराम सिंह के बाद 800 मीटर में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाला पहला भारतीय पुरुष धावक बना दिया था।
जिनसन ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “एक सपने के साथ एक लड़के की यात्रा कोलकाता से शुरू हुई और 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंची। एथलेटिक्स का धन्यवाद। कुछ यात्राएं मीटर और सेकेंड में मापी जाती हैं, कुछ आंसुओं, बलिदानों, विश्वास और उन लोगों में, जिन्होंने कभी गिरने नहीं दिया।”
उन्होंने आगे लिखा,“मुझे ओलंपिक गेम्स, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला। जब भी मैंने तिरंगा पहना, मैं सिर्फ पैरों से नहीं बल्कि दिल से दौड़ा।”
34 वर्षीय जिनसन जॉनसन तीन बार एशियन गेम्स के पदक विजेता रहे हैं। उन्होंने 2018 में 1500 मीटर में स्वर्ण, 2018 में ही 800 मीटर में रजत और 2023 में 1500 मीटर में कांस्य पदक जीता। इसके अलावा, उन्होंने 2015 और 2017 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में क्रमशः रजत और कांस्य पदक भी अपने नाम किए।
2018 में जिनसन ने 1:45.65 मिनट का समय निकालकर श्रीराम सिंह के 42 साल पुराने 800 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था। हालांकि, यह रिकॉर्ड बाद में 2025 में मोहम्मद अफसल ने तोड़ दिया।
अपने संन्यास पर उन्होंने लिखा, “जब मैं प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से दूर हो रहा हूं, तो विनम्रता, कृतज्ञता और शांति के साथ यह कदम उठा रहा हूं। ट्रैक ने मुझे अनुशासन, जुझारूपन और सम्मान सिखाया। भले ही मैं रेसिंग से संन्यास ले रहा हूं, लेकिन एथलेटिक्स हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेगी। हर चीज़ के लिए धन्यवाद। मुझ पर विश्वास करने के लिए धन्यवाद। धन्यवाद, भारत।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे



