एशियन गेम्स से पहले कराटे में भारत की तैयारी मजबूत, अलीशा के कांस्य ने बढ़ाया भरोसा

नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। भारतीय कराटे के लिए यह साल ऐतिहासिक साबित हो रहा है। जॉर्जिया के त्बिलिसी में आयोजित डब्ल्यूकेएफ सीरीज ए कराटे चैंपियनशिप में अलीशा सुबुधि द्वारा जीता गया कांस्य पदक इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यदि गैर-मुख्यधारा खेलों को निरंतर और संरचित सहयोग मिले, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े नतीजे सामने आ सकते हैं। यह सफलता भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप (टीएजीजी) योजना के प्रभाव को भी रेखांकित करती है।

टीएजीजी योजना के अंतर्गत सहयोग प्राप्त कर रहीं अलीशा सुबुधि कराटे 1 – सीरीज ए प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में क्रोएशिया की प्रतिद्वंद्वी को 8-0 से पराजित किया। यह उपलब्धि साई द्वारा तैयार किए गए मजबूत हाई-परफॉर्मेंस इकोसिस्टम का नतीजा है, जिसमें लक्षित वित्तीय सहायता, शीर्ष स्तरीय कोचिंग और गहन राष्ट्रीय शिविरों की अहम भूमिका रही।

राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में मिला निर्णायक फायदा

साई ने नवंबर–दिसंबर 2025 में लखनऊ स्थित साई क्षेत्रीय केंद्र में वरिष्ठ राष्ट्रीय कोचिंग कैंप का आयोजन किया था। इस 45 दिवसीय शिविर के लिए 1.2 करोड़ रुपये की सहायता एएनएसएफ योजना के तहत प्रदान की गई थी, जिसमें कुल 48 एथलीटों ने भाग लिया। इस कैंप में मैच सिमुलेशन, रणनीतिक तैयारी, मानसिक मजबूती और रिकवरी प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया। अलीशा भी इस शिविर का हिस्सा थीं।

अलीशा ने अपनी सफलता पर कहा,“मैं टीएजीजी का विशेष रूप से धन्यवाद करती हूं, जिसने हमें वित्तीय सहायता दी और डब्ल्यूकेएफ सीरीज ए की तैयारी के लिए लखनऊ में उत्कृष्ट राष्ट्रीय कैंप आयोजित किया।”

राष्ट्रीय महासंघ के अभाव में साई की अहम पहल

कराटे के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघ के अभाव में भी साई ने खिलाड़ियों की तैयारी में कोई बाधा नहीं आने दी। इसके लिए साई ने एक कराटे आयोजन समिति का गठन किया, जिसने चयन ट्रायल, राष्ट्रीय शिविरों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक्सपोजर की जिम्मेदारी संभाली। इससे एथलीटों का प्रदर्शन मार्ग पूरी तरह सुरक्षित रहा।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय मानक

इस समिति ने 12 से 14 अक्टूबर के बीच शिलॉन्ग स्थित साई ट्रेनिंग सेंटर, एनईएचयू कैंपस में सीनियर वर्ग के लिए ओपन नेशनल चयन ट्रायल भी आयोजित किए। चयन प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों, एंटी-डोपिंग नियमों और वीडियो आधारित मूल्यांकन प्रणाली के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ की गई।

एशियन गेम्स 2026 की ओर मजबूत कदम

इस वर्ष होने वाले एशियन गेम्स को देखते हुए, टीएजीजी योजना और साई द्वारा संचालित राष्ट्रीय कैंपों के माध्यम से मिल रहा निरंतर सहयोग भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है—खासकर उन खेलों में, जहां अब तक देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। अलीशा का कांस्य पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय कराटे के उज्ज्वल भविष्य की भी मजबूत झलक पेश करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे