ईडी ने कार्रवाई नहीं की तो जाएगा गलत संदेश: शुभेंदु अधिकारी
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- Jan 08, 2026
कोलकाता, 08 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि यदि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों के काम में बाधा डालने के मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो इससे राज्य की जनता के बीच गलत संदेश जाएगा।
अधिकारी मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री के उस दौरे का जिक्र किया, जब वे राजनीतिक सलाहकार संस्था इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंचीं। उसी समय ईडी वहां तलाशी अभियान चला रही थी।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री अचानक परिसर में दाखिल हुईं और कई कागजात व इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अपने साथ लेकर वहां से चली गईं।
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बार-बार केंद्रीय जांच एजेंसियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने की कोशिश करती रही हैं और यह उनका “आदतन व्यवहार” है।
शुभेंदु अधिकारी ने 2019 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त और वर्तमान कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार के आवास पर पहुंची थी, तब मुख्यमंत्री ने उस कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया था और शहर में सीबीआई के खिलाफ धरना भी दिया था। इसके अलावा 2021 में भी उन्होंने निज़ाम पैलेस में सीबीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया था, जब एजेंसी ने राज्य मंत्रिमंडल के कुछ वरिष्ठ सदस्यों और तृणमूल कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया था।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर यह भूल जाती हैं कि वे केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि राज्य की संवैधानिक प्रमुख भी हैं।
शुभेंदु ने कहा कि मुख्यमंत्री के पद से कई संवैधानिक जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं। वह अपने पद का उपयोग केंद्रीय एजेंसियों के काम में बाधा डालने के लिए नहीं कर सकतीं। गुरुवार को उनका आचरण अनैतिक और असंवैधानिक था।
इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने मांग की कि ईडी को कानूनी प्रावधानों के तहत मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ईडी आवश्यक कदम उठाएगा, अन्यथा यह पश्चिम बंगाल की जनता के बीच गलत संकेत देगा।”
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि मुख्यमंत्री एक निजी कॉर्पोरेट संस्था के कार्यालय में हुई ईडी की छापेमारी को लेकर इतनी चिंतित क्यों थीं।
उल्लेखनीय है कि आई-पैक वर्ष 2020 से तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति संभाल रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



