कलकत्ता हाईकोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष के काफिले पर हमले की सीबीआई जांच की याचिका स्वीकार की

कोलकाता, 13 जनवरी (हि. ,स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर बीते सप्ताह हुए कथित हमले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग को लेकर दायर याचिका को कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका सोमवार को हाईकोर्ट की एकल पीठ में दाखिल की गई थी।

न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष की एकल पीठ ने याचिका को स्वीकार कर लिया है, हालांकि मामले की पहली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है।

यह मामला केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने भी गंभीरता से लिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय ने 10 जनवरी की रात उनके काफिले पर हुए हमले से जुड़े पांच वीडियो पहले ही गृह मंत्रालय को भेज दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत कर घटना की जानकारी ली। लगभग 15 मिनट चली बातचीत के दौरान अधिकारी ने चंद्रकोणा में हुई पूरी घटना का विस्तृत विवरण गृह मंत्री को दिया।

बताया गया है कि 10 जनवरी की देर शाम पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा इलाके में शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ। वह पुरुलिया जिले में एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कोलकाता लौट रहे थे।

शुभेंदु अधिकारी का आरोप है कि चंद्रकोणा रोड मार्केट क्षेत्र के चार रास्तों के चौराहे को पार करने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक सड़क जाम कर दी। उनके अनुसार, हमलावर तृणमूल कांग्रेस के झंडे लिए हुए थे।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले पर बांस के डंडों से हमला किया और उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी को भी निशाना बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि काफी देर तक हमले के बावजूद स्थानीय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।

किसी तरह मौके से निकलने के बाद शुभेंदु अधिकारी सीधे चंद्रकोणा पुलिस चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने जमीन पर बैठकर विरोध जताया।

यह पहली बार नहीं है जब नेता प्रतिपक्ष के काफिले पर हमला हुआ हो। इससे पहले अगस्त 2025 में उत्तर बंगाल के कूचबिहार शहर में भी उनके काफिले पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों ने हमला किया था और वाहनों को रोकने की कोशिश की गई थी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर