स्वामी विवेकानंद की जयंती पर ममता बनर्जी का एकता का संदेश

कोलकाता, 12 जनवरी (हि. स.)। स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से “एकता, शांति और सद्भाव” के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद हमारे देशभक्ति भाव और सामाजिक सेवा की प्रेरणा हैं। देशप्रेम, गरीबों और पीड़ितों की सेवा तथा एकता, शांति और सद्भाव का उनका संदेश मुझे सदैव प्रेरित करता रहा है। सभी धर्मों के बीच सौहार्द का जो मार्ग स्वामीजी ने दिखाया, वही हमारी शक्ति है। उनके आदर्शों से प्रेरित होकर, बंगाल के सभी लोग धर्म और जाति से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान और प्रेम करें, यही हमारी एकमात्र प्रार्थना है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी बताया कि उनकी सरकार ने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के पैतृक आवास के साथ-साथ कोलकाता के बागबाजार और दार्जिलिंग में सिस्टर निवेदिता से जुड़े दो भवनों का अधिग्रहण कर उन्हें क्रमशः रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण शारदा मिशन को सौंपा गया है। इन स्थलों का संरक्षण किया जा रहा है और बागबाजार स्थित मातृगृह का नवीनीकरण भी कराया गया है।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि कामारपुकुर, जो श्री रामकृष्ण परमहंस की जन्मभूमि है, वहां रामकृष्ण मिशन और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है और आगे भी विकास कार्य जारी हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और दर्शन से प्रेरित होकर न्यू टाउन में ‘विवेक तीर्थ’ नामक शिक्षा एवं संस्कृति केंद्र की स्थापना की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने भूमि उपलब्ध कराई है, जबकि रामकृष्ण मिशन इसका निर्माण कर रहा है। निर्माण लागत का एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा, श्री रामकृष्ण, मां शारदा और स्वामी विवेकानंद के नाम पर संचालित कई शैक्षणिक संस्थानों को नियमित वित्तीय सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भी देश के युवाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी देशभक्त युवा-युवतियों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। स्वामीजी का विश्वास था कि युवा ही राष्ट्र की नियति के निर्माता होते हैं। हमारी सरकार उन्हें शिक्षा, कौशल और अवसर प्रदान कर एक नए प्रगति युग की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। आइए, ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ें।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर