नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। दूरसंचार विभाग (डीओटी) की तकनीकी इकाई टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साथ उन्नत दूरसंचार तकनीकों और वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन, अनुसंधान और तकनीक में शोध के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के अनुसार यह सहयोग भारत-विशिष्ट मानकों और परीक्षण ढांचे के विकास पर केंद्रित होगा, जिसमें 6जी, दूरसंचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (एनटीएन), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), डिजिटल ट्विन, मेटावर्स और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसी भविष्य की संचार तकनीकें शामिल हैं। साथ ही यह भारत की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व को अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण निकायों जैसे आईटीयू-टी, आईटीयू-आर, 3जीपीपी और अन्य वैश्विक मंचों में बढ़ावा देगा।
मंत्रालय ने बताया कि इस साझेदारी के तहत 6जी आर्किटेक्चर, 4जी और 5जी और भविष्य के नेटवर्क, एआई-सक्षम दूरसंचार प्रणाली, उन्नत एंटीना और रेडियो तकनीक, सैटेलाइट और एनटीएन, आईओटी, डिजिटल ट्विन और इमर्सिव प्लेटफॉर्म, तथा क्वांटम कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी योगदान किया जाएगा।
इस एमओयू पर हस्ताक्षर गुरुवार को टीईसी के डीडीजी (मोबाइल टेक्नोलॉजीज) अमित कुमार श्रीवास्तव और आईआईटी कानपुर के डीन (आरएंडडी) प्रो. तरुण गुप्ता ने किए। इस अवसर पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनीन्द्र अग्रवाल, प्रो. रोहित बुढिराजा और टीईसी के डीडीजी (सूचना प्रौद्योगिकी) शशि मोहन भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर



