तृणमूल पार्षद को निर्वाचन आयोग का नोटिस, दस्तावेजों के साथ सुनवाई में हुए पेश

मेदिनीपुर, 20 जनवरी (हि. स.)। मेदिनीपुर नगर पालिका के वार्ड संख्या 15 से तृणमूल कांग्रेस पार्षद राहुल बिशई को निर्वाचन आयोग ने 'हियरिंग' (सुनवाई) के लिए तलब किया। मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के एसएचजी भवन में हुई इस सुनवाई में पार्षद अपने इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट, पासपोर्ट और अन्य मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित हुए। हालांकि, इस दौरान पार्षद ने आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ा क्षोभ प्रकट किया।

पेशे से इंजीनियर राहुल बिशई वर्ष 2022 में पार्षद निर्वाचित हुए थे। सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे क्यों बुलाया गया है, यह स्पष्ट नहीं है। अंदर पूछने पर भी कोई उचित कारण नहीं बताया गया।

उन्होंने दावा किया कि नामांकन के समय ही उन्होंने सभी सही जानकारी दी थी। राहुल के अनुसार, आयोग ने उनके पिता के नाम की वर्तनी (स्पेलिंग) में त्रुटि बताई है, जबकि उन्होंने पहले ही सही दस्तावेज जमा कर दिए थे। उन्होंने इसे जनता को भ्रमित करने वाली कार्रवाई बताया।

इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शंकर गुछैत ने तृणमूल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आयोग नियमों के तहत काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस फर्जी मतदाताओं को बचाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। गुछैत ने कहा कि वास्तविक मतदाताओं को कोई समस्या नहीं होगी, केवल गड़बड़ी करने वाले ही डरे हुए हैं।

मेदिनीपुर के तृणमूल विधायक सुजय हाजरा ने इस प्रक्रिया को 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के नाम पर आम लोगों का उत्पीड़न करार दिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने ऐसी विसंगतियों की सूची सार्वजनिक करने को कहा है।

विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम एक-दो दिन और स्थिति को देखेंगे, यदि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो हम वृहद आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता