तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले एआईएडीएमके-पीएमके गठबंधन पर मुहर

चेन्नई, 07 जनवरी (हि.स.)। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने शेष हैं और इसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पाड़ी के. पलानीस्वामी से बुधवार को पट्टाली मक्कल कच्ची (पमक) के नेता अन्बुमणि रामदास ने मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अहम बातचीत हुई।

चेन्नई के ग्रीनवे रोड स्थित पलानीस्वामी के आवास पर हुई इस मुलाकात में पूर्व मंत्री सी.वी. शण्मुगन भी मौजूद थे। बैठक के बाद पलानीस्वामी और अन्बुमणि ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत की।

इस अवसर पर एडप्पाड़ी पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक और पामक के बीच गठबंधन कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों की इच्छा के अनुरूप बनाया गया है। उन्होंने इसे “जीत का गठबंधन” बताते हुए दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में यह गठबंधन 234 में से अधिकांश सीटों पर जीत हासिल करेगा और अन्नाद्रमुक स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी।

उन्होंने बताया कि अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पमक शामिल हैं। तीनों दल मिलकर दिन-रात मेहनत करेंगे और बड़ी जीत हासिल करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ज्याजातर सीटों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है, जबकि शेष सीटों की घोषणा बाद में की जाएगी।

पमक नेता अन्बुमणि रामदास ने कहा कि अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होना उनके लिए खुशी का क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह गठबंधन बड़ी जीत दर्ज करेगा और तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक की अगुवाई में सरकार बनेगी।

अन्बुमणि ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सरकार पर भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ नीतियों और सामाजिक न्याय के विरोध का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जनता द्रमुक सरकार से नाराज है और बदलाव चाहती है। अन्बुमणि ने कहा कि हाल ही में की गई 100 दिनों की पदयात्रा के दौरान उन्हें गांव-गांव में द्रमुक के प्रति जनता का आक्रोश देखने को मिला है।

पत्रकारों के सवालों पर दोनों नेताओं ने सीटों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अन्नाद्रमुक पमक को लगभग 15 सीटें देने पर विचार कर रही है, जबकि पमक की ओर से 20 से अधिक सीटों की मांग की गई है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV