एमसीबी: धान खरीद में पारदर्शिता की नई तस्वीर, किसान धन्नू सिंह ने ऑफलाइन टोकन से बेचा 54.80 क्विंटल धान
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- Jan 02, 2026
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 02 जनवरी (हि.स.)। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शी और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए भरोसे की मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है। सरकार की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को न सिर्फ उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, बल्कि धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया भी सरल, सम्मानजनक और समयबद्ध हो गई है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के ग्राम पेनारी निवासी किसान धन्नू सिंह की कहानी इसी बदली हुई व्यवस्था की सशक्त झलक पेश करती है।
खेती पर पूरी तरह निर्भर साधारण किसान धन्नू सिंह ने इस वर्ष शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑफलाइन टोकन के माध्यम से कोड़ा उपार्जन केंद्र में 54.80 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उपार्जन केंद्र पर सुव्यवस्थित व्यवस्था, डिजिटल तौल कांटे, पारदर्शी सत्यापन प्रणाली और सहयोगी स्टाफ ने धान खरीदी को आसान और परेशानी मुक्त बना दिया। पूरी प्रक्रिया में कहीं भी असमंजस या अनिश्चितता नहीं रही।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की व्यवस्था ने किसान को उसकी मेहनत का पूरा और न्यायसंगत मूल्य दिलाया। धन्नू सिंह को धान विक्रय की पूरी राशि सीधे उनके बैंक खाते में समय पर प्राप्त हुई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और भविष्य की योजनाओं को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा। वे बताते हैं कि पहले तौल और भुगतान को लेकर संशय बना रहता था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद है। समय पर भुगतान मिलने से अब वे बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और रबी फसल की तैयारी बिना किसी चिंता के कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई यह धान खरीदी व्यवस्था किसानों और सरकार के बीच विश्वास को और सुदृढ़ कर रही है। धन्नू सिंह की यह सफलता केवल एक किसान की कहानी नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों किसानों के सशक्तिकरण का प्रतीक है, जो पारदर्शी नीतियों और किसान-केंद्रित फैसलों के चलते सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह



