ग्रीनलैंड पर टैरिफ की धमकी पर यूरोप सख्त, फिनलैंड ने कहा- इससे किसी का भला नहीं होगा
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- Jan 18, 2026
हेलसिंकी/लंदन, 18 जनवरी (हि.स.)। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकियों पर यूरोपीय देशों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो ने साफ कहा है कि टैरिफ न तो यूरोप के हित में हैं और न ही अमेरिका के, बल्कि इससे दोनों पक्षों को नुकसान होगा।
प्रधानमंत्री ओर्पो ने सोशल मीडिया पर कहा कि सहयोगी देशों के बीच किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि दबाव के जरिए। उन्होंने माना कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा अमेरिका के लिए एक अहम मुद्दा है, लेकिन इसे सभी सहयोगियों के साथ मिलकर, डेनमार्क और ग्रीनलैंड की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए सुलझाया जाना चाहिए। ओर्पो ने चेतावनी दी कि टैरिफ से ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भी ट्रंप के रुख पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शुल्क लगाने की नीति यूरोप और अमेरिका के संबंधों को कमजोर कर सकती है और हालात “खतरनाक नीचे की ओर गिरावट” की ओर ले जा सकते हैं।
इस बीच ब्रिटेन, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, नीदरलैंड, नॉर्वे और स्वीडन ने एक संयुक्त बयान जारी कर ट्रंप की धमकी को ट्रांस-अटलांटिक संबंधों के लिए नुकसानदेह बताया। बयान में कहा गया कि ये देश डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ पूरी एकजुटता में खड़े हैं और संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों पर आधारित संवाद के लिए तैयार हैं।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने भी संभावित व्यापार युद्ध को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित व्यापार युद्ध से किसी को लाभ नहीं होगा और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।
ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते तनाव ने साफ कर दिया है कि यूरोप अमेरिकी टैरिफ नीति के खिलाफ एकजुट रुख अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय



