शिमला के मंदिर न्यासों में 48 पद खाली, भर्ती प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

शिमला, 12 जनवरी (हि.स.)। शिमला जिले के मंदिर न्यासों के तहत लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने जा रही है। जिला उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा है कि जिले के विभिन्न मंदिर न्यासों में कुल 48 पद रिक्त हैं और इनकी भर्ती के लिए प्रशासन ने जरूरी कदम उठा लिए हैं। सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में मंदिर न्यासों के चेयरमैन के साथ सोमवार को हुई विशेष बैठक में इस संबंध में अहम फैसले लिए गए।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि फिलहाल सभी रिक्त पदों की जानकारी प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है। इन पदों को भरने के लिए अनुमोदन मिल चुका है और अब संबंधित मंदिर न्यास तय कमेटी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिरों के सुचारु संचालन और बेहतर प्रबंधन के लिए सभी पदों का भरा होना जरूरी है। कर्मचारियों की कमी के कारण मंदिरों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं, जिसे देखते हुए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी भर्तियां प्रदेश सरकार द्वारा तय मानकों और नियमों के अनुसार ही की जाएंगी। हर पद के लिए योग्यता और शर्तें पहले से निर्धारित हैं और उन्हीं के आधार पर चयन किया जाएगा। इन भर्तियों के तहत जिले के पांच प्रमुख मंदिरों में पुजारी, मल्टीपर्पज कर्मचारी, अकाउंटेंट, क्लर्क सहित अन्य पद भरे जाएंगे।

बैठक में मंदिर न्यासों की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी मंदिर न्यासों की वेबसाइट जल्द तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि जाखू, संकटमोचन और तारा देवी मंदिर की वेबसाइट पहले ही बन चुकी हैं, जबकि बाकी मंदिरों की वेबसाइट पर काम शुरू किया जाएगा। इन वेबसाइटों पर मंदिर से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां उपलब्ध होंगी, जिनमें ऑनलाइन भंडारा बुकिंग, लाइव आरती और अन्य सुविधाएं शामिल रहेंगी।

इसके अलावा बैठक में यह भी तय किया गया कि जाखू मंदिर की तर्ज पर जिले के अन्य मंदिर परिसरों के लिए भी विकास योजना तैयार की जाएगी। तारा देवी, संकटमोचन, हाटकोटी और सराहन मंदिर न्यास अपने-अपने मंदिरों के लिए एक महीने के भीतर डेवलपमेंट प्लान बनाएंगे। भविष्य में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन योजनाओं के जरिए आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

तारा देवी मंदिर को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया। बैठक में मंदिर तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग बनाने पर सहमति बनी, ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से राहत मिल सके। योजना के तहत एक सड़क से मंदिर में प्रवेश और दूसरी सड़क से वाहनों की निकासी की व्यवस्था की जाएगी। उपायुक्त ने मंदिर न्यास को वैकल्पिक मार्ग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा